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Jalaun News: एक साल में ही गड्ढों में तब्दील हुई चालीस लाख से बनी सड़क
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उरई/कोंच। घमूरी से बरोदाकलां गांव को जोड़ने वाली चार किलोमीटर सड़क एक साल भी नहीं टिक सकी। 40 लाख से बनी सड़क पूरी तरह से धंसकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि इस मार्ग से आने-जाने वाले वाहन चालक गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय उन्होंने घटिया निर्माण होने पर विरोध जताया था पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
कोंच तहसील के घमूरी गांव से बरोदाकलां गांव को जोड़ने वाली करीब चार किलोमीटर सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने वर्ष 2024 में मार्च माह में कराया था। इस मार्ग के डामरीकरण में विभाग ने चालीस लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन सड़क एक साल भी नहीं चल सकी और गड्ढों में तब्दील हो गई। हालत यह है कि सड़क शुरूआत में ही जगह जगह सड़क धंसकर पूरी तरह से खराब हो गई है।
गड्ढों की वजह से यहां से निकलने वाले वाहन चालकों को दस मिनट के रास्ते में करीब एक घंटे का समय लग रहा है। ग्रामीण मोहित मौर्या, दिनेश पटेल, विवेक रिछारिया, विजय अहिरवार, अनुज शिवहरे आदि ग्रामीणों ने बताया कि जब सड़क डलवाई जा रही थी तो उन्होंने घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत अधिकारियों से की थी। लेकिन इसके बाद भी किसी जिम्मेदार ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और सड़क एक साल में ही खस्ताहाल हो गई। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने घटिया सड़क का निर्माण कर दिया। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कोंच तहसील के घमूरी गांव से बरोदाकलां गांव को जोड़ने वाली करीब चार किलोमीटर सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने वर्ष 2024 में मार्च माह में कराया था। इस मार्ग के डामरीकरण में विभाग ने चालीस लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन सड़क एक साल भी नहीं चल सकी और गड्ढों में तब्दील हो गई। हालत यह है कि सड़क शुरूआत में ही जगह जगह सड़क धंसकर पूरी तरह से खराब हो गई है।
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गड्ढों की वजह से यहां से निकलने वाले वाहन चालकों को दस मिनट के रास्ते में करीब एक घंटे का समय लग रहा है। ग्रामीण मोहित मौर्या, दिनेश पटेल, विवेक रिछारिया, विजय अहिरवार, अनुज शिवहरे आदि ग्रामीणों ने बताया कि जब सड़क डलवाई जा रही थी तो उन्होंने घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत अधिकारियों से की थी। लेकिन इसके बाद भी किसी जिम्मेदार ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और सड़क एक साल में ही खस्ताहाल हो गई। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने घटिया सड़क का निर्माण कर दिया। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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