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Jalaun News: महाराष्ट्र जा रहे दवाओं से भरे कंटेनर में लगी आग, करोड़ों का नुकसान
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आटा (जालौन)। झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे-27 पर आटा थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास मंगलवार तड़के दवाओं से भरे कंटेनर से धुआं उठने लगा। चालक ने कंटेनर रोककर जैसे ही बोगी खोली, घना धुआं बाहर निकलने लगा। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि कंटेनर में सिप्ला कंपनी की लगभग तीन करोड़ रुपये की दवाएं थीं, जो आग की चपेट में आकर नष्ट हो गईं।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक कंटेनर दवाओं की खेप लेकर महाराष्ट्र के भीमंडी और पुणे जा रहा था। मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे जैसे ही कंटेनर आटा-उकासा टोल प्लाजा के पास पहुंचा। चालक आजमगढ़ निवासी अमित कुमार व हेल्पर जौनपुर निवासी रोहित ने कंटेनर से धुआं उठता देख वाहन को सड़क किनारे रोका। कंटेनर की बोगी खोली तो अंदर से तेज धुआं निकलने लगा। इससे टोल प्लाजा पर अफरातफरी मच गई।
आटा पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया लिया। फायर कर्मियों और टोल कर्मचारियों ने धुएं के बीच कंटेनर में रखे गत्तों और दवाओं के पैकेटों को बाहर निकालकर किनारे रखा, ताकि आग और न फैले। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में दवाएं जलकर नष्ट हो गईं। ट्रांसपोर्ट मैनेजर जगन्नाथ पवार ने बताया कि कंटेनर में सिप्ला कंपनी की दवाओं की बड़ी खेप लदी थी, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक है।
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उन्होंने कहा कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, अन्यथा पूरा कंटेनर जलकर राख हो जाता।फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन प्राथमिक जांच में गत्तों के आपस में रगड़ने से उत्पन्न हुई गर्मी या शॉर्टसर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दवा कंपनी और बीमा एजेंसी को सूचना दे दी है।
वर्जन
आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और कंटेनर को सुरक्षित कर दिया गया है। दोबारा आग न भड़के, इसके लिए ठंडा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
- अजय सिंह, आटा, थाना प्रभारी
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पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक कंटेनर दवाओं की खेप लेकर महाराष्ट्र के भीमंडी और पुणे जा रहा था। मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे जैसे ही कंटेनर आटा-उकासा टोल प्लाजा के पास पहुंचा। चालक आजमगढ़ निवासी अमित कुमार व हेल्पर जौनपुर निवासी रोहित ने कंटेनर से धुआं उठता देख वाहन को सड़क किनारे रोका। कंटेनर की बोगी खोली तो अंदर से तेज धुआं निकलने लगा। इससे टोल प्लाजा पर अफरातफरी मच गई।
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आटा पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया लिया। फायर कर्मियों और टोल कर्मचारियों ने धुएं के बीच कंटेनर में रखे गत्तों और दवाओं के पैकेटों को बाहर निकालकर किनारे रखा, ताकि आग और न फैले। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में दवाएं जलकर नष्ट हो गईं। ट्रांसपोर्ट मैनेजर जगन्नाथ पवार ने बताया कि कंटेनर में सिप्ला कंपनी की दवाओं की बड़ी खेप लदी थी, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक है।
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उन्होंने कहा कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, अन्यथा पूरा कंटेनर जलकर राख हो जाता।फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन प्राथमिक जांच में गत्तों के आपस में रगड़ने से उत्पन्न हुई गर्मी या शॉर्टसर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दवा कंपनी और बीमा एजेंसी को सूचना दे दी है।
वर्जन
आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और कंटेनर को सुरक्षित कर दिया गया है। दोबारा आग न भड़के, इसके लिए ठंडा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
- अजय सिंह, आटा, थाना प्रभारी