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आखिर कहां चली गई मालखाने से बंदूक
Jalaun
Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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कोंच (जालौन)। कैलिया थाने के मालखाने से दस साल पहले गायब लाइसेंसी बंदूक का आज तक अतापता नहीं है। यह बंदूक हत्या के एक मामले में थाने के मालखाने में जमा हुई थी। मृत व्यक्ति की बेवा पति की लाइसेंसी बंदूक हासिल करने के लिए चक्कर लगा-लगा कर थक चुकी है। महिला की शिकायत पर आला अधिकारियों ने मालखाने से बंदूक गायब होेने की जांच भी कराई, लेकिन जांच का कोई परिणाम सामने नहीं आया। लिहाजा पीड़ित महिला ने अब आईजी आशुतोष पांडेय के सामने अब यह मामला उठाने का मन बनाया है। महिला का कहना है कि उसके पति की लाइसेंसी बंदूक को किसी पुलिस कर्मी ने ही थाने के मालखाने से गायब किया है।
कैलिया थाना क्षेत्र के गांव चटसारी निवासी राजनारायण की वर्ष 2003 में खेत की रखवाली करते समय मध्य प्रदेश के बरथरा के बदमाश हरदास ने हत्या कर दी थी और उनकी लाइसेंसी बंदूक लेकर भाग गया था। बाद में हत्यारोपी पकड़ा गया और उसके पास से बरामद राजनारायण की लाइसेंसी बंदूक थाने के मालखाने में जमा कर दी गई। कुछ समय बाद मृत राजनारायण की पत्नी मीरा ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए डीएम के यहां आवेदन किया। लाइसेंस बनने के बाद मीरा जब थाने पहुंची और उसने अपनी बंदूक मांगी तो बंदूक गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी जब बंदूक का पता नहीं चला तो अफसरों के होश उड़ गए। मीरा काफी समय से थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे टरकाया जा रहा है। मीरा का कहना है कि मालखाने से बंदूक गायब होने का मतलब ही है कि जिस वक्त बंदूक जमा हुई थी, उसी समय किसी सिपाही अथवा दारोगा ने उसे गायब कर दिया है। मीरा के मुताबिक वह जल्द ही मामले की शिकायत कानपुर जोन के आईजी आशुतोष पांडेय से कर पति की बंदूक बरामद करने की गुहार लगाएगी।
वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि मामला दस वर्ष पुराना है, लिहाजा जांच में दिक्कत आ रहीं हैं। किसने बरामद बंदूक कोर्ट में पेश की थी और इसके बाद वह मालखाने में जमा की गई कि नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है। उधर, एएसपी शकील अहमद खान का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन थाने के मालखाने से असलहा गायब होना गंभीर बात है। वे स्वयं सर्किल के सीओ, कैलिया थानेदार से बात कर गायब बंदूक को बरामद कराने का प्रयास करेंगे।
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कैलिया थाना क्षेत्र के गांव चटसारी निवासी राजनारायण की वर्ष 2003 में खेत की रखवाली करते समय मध्य प्रदेश के बरथरा के बदमाश हरदास ने हत्या कर दी थी और उनकी लाइसेंसी बंदूक लेकर भाग गया था। बाद में हत्यारोपी पकड़ा गया और उसके पास से बरामद राजनारायण की लाइसेंसी बंदूक थाने के मालखाने में जमा कर दी गई। कुछ समय बाद मृत राजनारायण की पत्नी मीरा ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए डीएम के यहां आवेदन किया। लाइसेंस बनने के बाद मीरा जब थाने पहुंची और उसने अपनी बंदूक मांगी तो बंदूक गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी जब बंदूक का पता नहीं चला तो अफसरों के होश उड़ गए। मीरा काफी समय से थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे टरकाया जा रहा है। मीरा का कहना है कि मालखाने से बंदूक गायब होने का मतलब ही है कि जिस वक्त बंदूक जमा हुई थी, उसी समय किसी सिपाही अथवा दारोगा ने उसे गायब कर दिया है। मीरा के मुताबिक वह जल्द ही मामले की शिकायत कानपुर जोन के आईजी आशुतोष पांडेय से कर पति की बंदूक बरामद करने की गुहार लगाएगी।
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वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि मामला दस वर्ष पुराना है, लिहाजा जांच में दिक्कत आ रहीं हैं। किसने बरामद बंदूक कोर्ट में पेश की थी और इसके बाद वह मालखाने में जमा की गई कि नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है। उधर, एएसपी शकील अहमद खान का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन थाने के मालखाने से असलहा गायब होना गंभीर बात है। वे स्वयं सर्किल के सीओ, कैलिया थानेदार से बात कर गायब बंदूक को बरामद कराने का प्रयास करेंगे।
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