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तौल के नाम पर किसानों का हो रहा उत्पीड़न

Sun, 21 Apr 2019 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2019 12:07 AM IST
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तौल के नाम पर किसानों का हो रहा उत्पीड़न
एट (जालौन)। गेहूं खरीद केंद्र में किसानों का गेहूं तुलाई के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। छनाई और तुलाई के रूप में सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। सुविधा शुल्क न देने वालों को नंबर न आने का बहाना बनाकर टरकाया जा रहा है। किसानों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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कोटरा में खुली नवीन गल्ला मंडी में सरकार द्वारा बनाए गए नैफेड के सहकारी समिति जैसारी में बनाए गए तीन सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसान परेशान है। किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए एक-एक हफ्ते का इंतजार करना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों को आएदिन बारदाना की कमी होने का बहाना बनाकर भी परेशान किया जा रहा है।
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क्षेत्रीय किसान महेंद्र कुमार, मानसिंह, रमेश ने केंद्र प्रभारियों पर आरोप लगाते हुए कहा किसानों से तौल के नाम पर साठ रुपये से सौ रुपये के बीच लिया जा रहा है। दूसरी ओर कुछ किसानों ने गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी के खिलाफ तुलाई छनाई के सरकार द्वारा तय 20 रुपये क्विंटल न लेकर जबरदस्ती सौ रुपये क्विंटल लिए जाने की शिकायत विपणन अधिकारी विकास तिवारी से की है।
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साथ ही किसानों ने बताया है कि जब केंद्र संचालक से इसका विरोध किया तो उल्टा केंद्र संचालक ने हड़का दिया। शिकायत मिलने पर विपणन अधिकारी विकास तिवारी ने गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया और मौके पर किसानों की शिकायत को सही पाए हुए केंद्र संचालक को फटकार लगाकर आगे शिकायत आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

आनलाइन नंबर लगाने पर भी नहीं हुई तौल
किसान सियाराम का कहना है कि गेहूं खरीद केंद्रों पर सबसे पहले ऑनलाइन नंबर लगाया था। नंबर आने के बाद भी केंद्र प्रभारी गेहूं की तौल नहीं करा रहे हैं और कहते हैं कि जो सबसे पहले तौल के सौ रुपये देगा उसकी सबसे पहले गेहूं की खरीद की जाएगी।


शिकायत का भी नहीं हो रहा असर
किसान महेंद्र स्वामी कहते हैं कि उच्च अधिकारियों की शिकायतों का भी केंद्र प्रभारियों पर कुछ असर नहीं दिख रहा है जब केंद्र प्रभारी का मन होता है तब-तब अपने चहेतों को बुलाकर गेहूं की तौल करा लेते हैं और जिनके नंबर लगे हैं उन्हें बारदाना न होने का बहाना बना देते हैं।
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