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रेल टिकट की धनराशि ब्याज समेत वापस करने के आदेश
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उरई। उपभोक्ता फोरम ने रेल टिकट की धनराशि, नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटने व दो हजार रुपये का हर्जाना उपभोक्ता को देने का आदेश रेलवे को दिया है। ट्रेन के तीन घंटे से ज्यादा लेट होने पर रेल कर्मचारी ने टिकट रिफंड करने से मना कर दिया था। इस पर यात्री ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली थी।
शहर के मोहल्ला गणेशगंज निवासी मुहम्मद इम्तियाज ने उरई रेलवे स्टेशन से उरई से लोकमान्य तिलक (मुंबई) जाने के लिए एसी क्लास की दो टिकट 8060 रुपये में 1 जनवरी 2017 को क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बुक कराई थी। ट्रेन के निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से आने की सूचना स्टेशन पर दी गई। इस पर इम्तियाज ने टिकट निरस्त कराने की मांग स्टेशन प्रबंधक से की।
उन्होंने टिकट विंडो पर जाकर पैसा लेने को कहा। लेकिन वहां तैनात कर्मचारी ने पैसा देने से इंकार कर दिया। इस पर इम्तियाज ने 4 मार्च 2017 को उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। शुक्रवार को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त जिला जज जिष्णुकांत पांडेय व फोरम के सदस्य रामबाबू निषाद ने सुनवाई करते हुए माना कि यह रेलवे की सेवा में कमी है। उन्होंने रेलवे विभाग को आदेश दिया कि तीस दिन के अंदर रेल किराया की धनराशि 8060 रुपये 4 मार्च 2017 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत ब्याज के साथ दें। साथ ही दो हजार रुपये का हर्जा खर्जा भी वादी को दें।
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शहर के मोहल्ला गणेशगंज निवासी मुहम्मद इम्तियाज ने उरई रेलवे स्टेशन से उरई से लोकमान्य तिलक (मुंबई) जाने के लिए एसी क्लास की दो टिकट 8060 रुपये में 1 जनवरी 2017 को क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बुक कराई थी। ट्रेन के निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से आने की सूचना स्टेशन पर दी गई। इस पर इम्तियाज ने टिकट निरस्त कराने की मांग स्टेशन प्रबंधक से की।
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उन्होंने टिकट विंडो पर जाकर पैसा लेने को कहा। लेकिन वहां तैनात कर्मचारी ने पैसा देने से इंकार कर दिया। इस पर इम्तियाज ने 4 मार्च 2017 को उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। शुक्रवार को उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त जिला जज जिष्णुकांत पांडेय व फोरम के सदस्य रामबाबू निषाद ने सुनवाई करते हुए माना कि यह रेलवे की सेवा में कमी है। उन्होंने रेलवे विभाग को आदेश दिया कि तीस दिन के अंदर रेल किराया की धनराशि 8060 रुपये 4 मार्च 2017 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत ब्याज के साथ दें। साथ ही दो हजार रुपये का हर्जा खर्जा भी वादी को दें।
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