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ग्राम बोहदपुरा में विकास कार्यो की जांच के निर्देश
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उरई। ग्राम बोहदपुरा में फर्जी कार्य दिखाकर लाखों के बजट के बंदर बाट की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। गुरुवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने गांव में कराए गए विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए, जांच जिला विकास अधिकारी को सौंपी गई है। जिला विकास अधिकारी सात दिन में अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगी।
बता दें कि बुधवार को ग्राम बोहदपुरा के दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधान पर भ्रष्टाचार सहित कई आरोपों को लेकर ज्ञापन दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रधान ने गांव में दर्जनों विकास कार्यों को फर्जी दिखाकर लाखों रुपये के बजट का बंदरबांट कर लिया है।
इसमें कई सड़कें व इंटरलॉकिंग ऐसी है जो कागजों में तो डाली गई है, लेकिन हकीकत में अभी भी ग्रामीणों को कच्ची सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने गांव में इस साल हुए सभी विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए है। जांच की जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान को सौंपी गई है। जो एक सप्ताह में गांव का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगी। इसके बाद प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि बुधवार को ग्राम बोहदपुरा के दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधान पर भ्रष्टाचार सहित कई आरोपों को लेकर ज्ञापन दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रधान ने गांव में दर्जनों विकास कार्यों को फर्जी दिखाकर लाखों रुपये के बजट का बंदरबांट कर लिया है।
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इसमें कई सड़कें व इंटरलॉकिंग ऐसी है जो कागजों में तो डाली गई है, लेकिन हकीकत में अभी भी ग्रामीणों को कच्ची सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने गांव में इस साल हुए सभी विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए है। जांच की जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान को सौंपी गई है। जो एक सप्ताह में गांव का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगी। इसके बाद प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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