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Jalaun News: समय से उठान न होने से 350 क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया
Mon, 14 Apr 2025 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:47 AM IST
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जालौन। नगर के बंगरा रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में किसानों से खरीदे जा रहे गेहूं का उठान समय से नहीं हो रहा है। शनिवार रात आई तेज आंधी-बारिश से मंडी परिसर में खुले में रखा 350 क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया।
सरकार द्वारा किसानों को राहत देने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए नगर में स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में 16 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर अब तक लगभग 60 से 70 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। हालांकि, खरीद की रफ्तार तो ठीक है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या खरीदे गए गेहूं की समय पर उठान न होना बनती जा रही है।
उठान में देरी के कारण मंडी परिसर के नीलामी चबूतरे के बाहर गेहूं के बोरों के ढेर लगे हैं। शनिवार रात अचानक तेज आंधी और बारिश ने मंडी प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।
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प्रशासन द्वारा न तो गेहूं ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई थी और न ही सुरक्षित भंडारण की कोई वैकल्पिक योजना बनाई गई थी। परिणामस्वरूप करीब 350 क्विंटल गेहूं बारिश के पानी में भीग गया।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर में बेहतर भंडारण और उठान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।
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सरकार द्वारा किसानों को राहत देने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए नगर में स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में 16 सरकारी गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर अब तक लगभग 60 से 70 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। हालांकि, खरीद की रफ्तार तो ठीक है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या खरीदे गए गेहूं की समय पर उठान न होना बनती जा रही है।
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उठान में देरी के कारण मंडी परिसर के नीलामी चबूतरे के बाहर गेहूं के बोरों के ढेर लगे हैं। शनिवार रात अचानक तेज आंधी और बारिश ने मंडी प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।
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प्रशासन द्वारा न तो गेहूं ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई थी और न ही सुरक्षित भंडारण की कोई वैकल्पिक योजना बनाई गई थी। परिणामस्वरूप करीब 350 क्विंटल गेहूं बारिश के पानी में भीग गया।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर में बेहतर भंडारण और उठान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।