{"_id":"5e5fe8948ebc3eeadb33b039","slug":"17-kilometers-covered-in-10-minutes-by-speed-train-orai-news-knp5485974150","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पीड ट्रेन से 10 मिनट में तय की 17 किलोमीटर की दूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्पीड ट्रेन से 10 मिनट में तय की 17 किलोमीटर की दूरी
विज्ञापन
आटा स्टेशन पर निरीक्षण करते सीआरएस मोहम्मद लतीफ खान
- फोटो : ORAI
रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ खान ने बुधवार को झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के सरसौखी से उसरगांव स्टेशन तक के दोहरीकरण के काम की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने स्टेशनों पर जाकर भी सिग्नल सिस्टम और ट्रैक की गुणवत्ता को परखा। स्पीड ट्रेन से भी ट्रैक की क्षमता परखी। स्पीड ट्रेन ने 130 की स्पीड उसरगांव से सरसौखी स्टेशन की 17 किलोमीटर की दूरी मात्र दस मिनट में पूरी कर ली।
ट्रेन शाम 5.53 बजे उसरगांव से रवाना हुई और 6.03 बजे सरसौखी स्टेशन पर आ गई। इसके साथ ही सीआरएस ने इस रूट पर ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी।
बुधवार की सुबह स्पेशल ट्रेन से सीआरएस सुबह साढ़े नौ बजे सरसौखी स्टेशन पहुंचे। उन्होंने वहां संरक्षा से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की। सिग्नल पैनल की मौके पर चाबी नहीं मिलने और मौजूद कर्मचारियों के पास परिचयपत्र न होने पर सीआरएस ने नाराजगी जताई। जेनरेटर की तेज आवाज पर फटकार लगाते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली चीजें स्टेशन पर न रखी जाए।
स्टेशन तक यात्रियों का पहुंच मार्ग भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेशन पर संरक्षा से संबंधी चेतावनी बोर्ड भी लगाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने मोटर ट्राली से सरसौखी से उसरगांव तक का रेलवे ट्रैक का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे क्रासिंग, पुल, पुलिया आदि को बारीकी से देखा। सिग्नल प्वाइंट पर भी चर्चा की। उन्होंने आटा, उसरगांव और रेलवे क्रासिंग 194 जोल्हूपुर मोड़ पर रुककर निरीक्षण किया।
विज्ञापन
इस दौरान डीआरएम संदीप माथुर ने बताया कि सीआरएस ने ट्रेन संचालन मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इस ट्रैक पर रेल यातायात बहाल हो गया। सीनियर डीईएन समन्वयक राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर डीएसटीई निर्मोद कुमार, सीनियर डीओएम एसके त्रिपाठी, सीनियर डीएसओ विपिन कुमार सिंह, आरवीएनएल सीपीएम केके तलरेजा, परियोजना निदेशक प्रयांक गुप्ता, डीसीएम अखिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद सीआरएस के निर्देश पर सबसे पहले चेन्नई से लखनऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 16093 इस ट्रैक से गुजारी गई। 90 की स्पीड से ट्रेन उरई से रवाना की गई। इसके साथ ही दोहरीकरण कार्य के चलते निरस्त चल रही ट्रेनों का संचालन भी गुरुवार से बहाल हो जाएगा बदले हुए रूट से चलाई जा रही ट्रेनें भी अपने निर्धारित मार्ग से चलेंगी।
निरीक्षण को लेकर रेलवे अधिकारी कई दिन से तैयारी कर रहे थे। सीआरएस समेत अन्य अधिकारियों के लिए आठ मोटर ट्राली ट्रैक पर तैयार रखी थी। सरसौखी स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने इन मोटर ट्रालियों से उसरगांव तक ट्रैक का निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर कई जगह फटकार भी लगाई।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने स्टेशनों पर जाकर भी सिग्नल सिस्टम और ट्रैक की गुणवत्ता को परखा। स्पीड ट्रेन से भी ट्रैक की क्षमता परखी। स्पीड ट्रेन ने 130 की स्पीड उसरगांव से सरसौखी स्टेशन की 17 किलोमीटर की दूरी मात्र दस मिनट में पूरी कर ली।
ट्रेन शाम 5.53 बजे उसरगांव से रवाना हुई और 6.03 बजे सरसौखी स्टेशन पर आ गई। इसके साथ ही सीआरएस ने इस रूट पर ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी।
बुधवार की सुबह स्पेशल ट्रेन से सीआरएस सुबह साढ़े नौ बजे सरसौखी स्टेशन पहुंचे। उन्होंने वहां संरक्षा से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की। सिग्नल पैनल की मौके पर चाबी नहीं मिलने और मौजूद कर्मचारियों के पास परिचयपत्र न होने पर सीआरएस ने नाराजगी जताई। जेनरेटर की तेज आवाज पर फटकार लगाते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली चीजें स्टेशन पर न रखी जाए।
विज्ञापन
स्टेशन तक यात्रियों का पहुंच मार्ग भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेशन पर संरक्षा से संबंधी चेतावनी बोर्ड भी लगाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने मोटर ट्राली से सरसौखी से उसरगांव तक का रेलवे ट्रैक का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे क्रासिंग, पुल, पुलिया आदि को बारीकी से देखा। सिग्नल प्वाइंट पर भी चर्चा की। उन्होंने आटा, उसरगांव और रेलवे क्रासिंग 194 जोल्हूपुर मोड़ पर रुककर निरीक्षण किया।
विज्ञापन
इस दौरान डीआरएम संदीप माथुर ने बताया कि सीआरएस ने ट्रेन संचालन मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इस ट्रैक पर रेल यातायात बहाल हो गया। सीनियर डीईएन समन्वयक राजेश कुमार श्रीवास्तव, सीनियर डीएसटीई निर्मोद कुमार, सीनियर डीओएम एसके त्रिपाठी, सीनियर डीएसओ विपिन कुमार सिंह, आरवीएनएल सीपीएम केके तलरेजा, परियोजना निदेशक प्रयांक गुप्ता, डीसीएम अखिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद सीआरएस के निर्देश पर सबसे पहले चेन्नई से लखनऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 16093 इस ट्रैक से गुजारी गई। 90 की स्पीड से ट्रेन उरई से रवाना की गई। इसके साथ ही दोहरीकरण कार्य के चलते निरस्त चल रही ट्रेनों का संचालन भी गुरुवार से बहाल हो जाएगा बदले हुए रूट से चलाई जा रही ट्रेनें भी अपने निर्धारित मार्ग से चलेंगी।
निरीक्षण को लेकर रेलवे अधिकारी कई दिन से तैयारी कर रहे थे। सीआरएस समेत अन्य अधिकारियों के लिए आठ मोटर ट्राली ट्रैक पर तैयार रखी थी। सरसौखी स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने इन मोटर ट्रालियों से उसरगांव तक ट्रैक का निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर कई जगह फटकार भी लगाई।