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17 जोड़ों की हुई शादी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:51 PM IST
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एक दूसरे को जयमाला पहनाते वर, वधु।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के चलते समाज में दहेज प्रथा पर प्रभावकारी रोक लगी है। और तो और अब लोग अपने समाज की मदद से कम से कम पैसों मेें अपने बेटे-बेटियों की शादी कर रहे हैं। इसी क्रम में अखिल भारतीय गहोई वैश्य प्रगति मंच के तत्वावधान में सामूहिक विवाह महायज्ञ का रविवार को आयोजन किया गया। राम जानकी विवाह पंचमी के अवसर पर डीएवी इंटर
कालेज मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह में 17 वर-वधुओं ने जयमाला पहनाकर सात फेरे लिए और एक दूसरे को अपना जीवन साथी बनाया। करेंसी की दिक्कत और समाज में दहेज प्रथा के बहिष्कार के आह्वान के साथ रविवार को गहोई सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। डीएवी इंटर कालेज से भव्य वर यात्रा शुरू हुई। एक कतार में घोड़ोें पर सवार
सत्रह दूल्हों के साथ बैंडबाजों की धुन पर थिरकते परिजन राठ रोड, राजमार्ग, तुलसी नगर होते हुए आयोजन स्थल पहुंचे। प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही कन्या पक्ष एवं संस्था के पदाधिकािरयों ने वैदिक रीति से द्वारचार की रस्म पूरी की गई। सभी वरों को चांदी के सिक्के व सफारी सूट के साथ टीका किया गया। इसके बाद जयमाल का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम
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में मुख्य अतिथि पूर्व ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य, वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश गुलहरे, गहोई वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश नारायन सांवला, राधेश्याम कुचया, अयोध्या प्रसाद गुप्त, संजय मोर ने वर, वधुओं को आशीर्वाद दिया। विवाह के बाद उपहार स्वरूप सभी जोड़ों को संस्था की ओर से घरेलू उपयोग की सभी
जरूरी चीजें दी गईं। कार्यक्रम अध्यक्ष पवन नछौला, पुुरुषोत्तम दास सोनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच के राष्ट्रीय महामंत्री जीवनराम सेठ ने बताया कि अब तक संस्था 101 युगलों को वैवाहिक बंधनों में बांधने का काम कर चुकी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज, महंत सिद्धराम दास महाराज, गोविंद नारायन, पुरुषोत्तम घंटी, प्रमोद नौगरया, शिवकुमार कुरेले, कमलेश कुमार, अजय इटौरिया, मयंक बिजपुरिया, पवन गेड़ा, ब्रजकिशोर कनकने, विद्याधर निगोतिया आदि मौजूद रहे।
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कालेज मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह में 17 वर-वधुओं ने जयमाला पहनाकर सात फेरे लिए और एक दूसरे को अपना जीवन साथी बनाया। करेंसी की दिक्कत और समाज में दहेज प्रथा के बहिष्कार के आह्वान के साथ रविवार को गहोई सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। डीएवी इंटर कालेज से भव्य वर यात्रा शुरू हुई। एक कतार में घोड़ोें पर सवार
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सत्रह दूल्हों के साथ बैंडबाजों की धुन पर थिरकते परिजन राठ रोड, राजमार्ग, तुलसी नगर होते हुए आयोजन स्थल पहुंचे। प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही कन्या पक्ष एवं संस्था के पदाधिकािरयों ने वैदिक रीति से द्वारचार की रस्म पूरी की गई। सभी वरों को चांदी के सिक्के व सफारी सूट के साथ टीका किया गया। इसके बाद जयमाल का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम
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में मुख्य अतिथि पूर्व ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य, वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश गुलहरे, गहोई वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश नारायन सांवला, राधेश्याम कुचया, अयोध्या प्रसाद गुप्त, संजय मोर ने वर, वधुओं को आशीर्वाद दिया। विवाह के बाद उपहार स्वरूप सभी जोड़ों को संस्था की ओर से घरेलू उपयोग की सभी
जरूरी चीजें दी गईं। कार्यक्रम अध्यक्ष पवन नछौला, पुुरुषोत्तम दास सोनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंच के राष्ट्रीय महामंत्री जीवनराम सेठ ने बताया कि अब तक संस्था 101 युगलों को वैवाहिक बंधनों में बांधने का काम कर चुकी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज, महंत सिद्धराम दास महाराज, गोविंद नारायन, पुरुषोत्तम घंटी, प्रमोद नौगरया, शिवकुमार कुरेले, कमलेश कुमार, अजय इटौरिया, मयंक बिजपुरिया, पवन गेड़ा, ब्रजकिशोर कनकने, विद्याधर निगोतिया आदि मौजूद रहे।