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‘राजनीतिक दल छात्र हितों को घोषणापत्र में शामिल करें’
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उरई। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच व दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन की ओर से शुक्रवार को गणेश धाम परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में चार विश्वविद्यालयों के छात्रों ने मंथन कर उत्तर प्रदेश का छात्र घोषणापत्र तैयार किया। साथ ही राजनीतिक दलों से मांग की कि छात्र हितों को अपने घोषणापत्र में शामिल करें।
कार्यशाला में बुंदेलखंड, कानपुर, आगरा व लखनऊ यूनीवर्सिटी के छात्र नेता नंद कुमार, पंचम सिंह, राजेश गौतम, प्रीति, कंचन वर्मा, अंजली, संध्या, सचिन, लकी आदि ने बताया कि हमें प्रवेश के समय से लेकर परीक्षा के समय तक तरह-तरह की समस्याओं व भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
समय से स्कालरशिप नहीं मिलती है और प्राइवेट संस्थान वाले अलग अलग बहाने से पैसा मांगते है। कहा कि जो दल छात्र हितों को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। कुलदीप बौद्ध ने कहा कि दलित समुदाय प्राइमरी से उच्च स्तर तक की शिक्षा में भेदभाव का सामना कर रहा है। इस मौके पर मनोज, अलका, शाह आलम, शिवराम, कृष्ण कुमार, रुखसाना, रेहाना आदि मौजूद रहीं।
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कार्यशाला में बुंदेलखंड, कानपुर, आगरा व लखनऊ यूनीवर्सिटी के छात्र नेता नंद कुमार, पंचम सिंह, राजेश गौतम, प्रीति, कंचन वर्मा, अंजली, संध्या, सचिन, लकी आदि ने बताया कि हमें प्रवेश के समय से लेकर परीक्षा के समय तक तरह-तरह की समस्याओं व भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
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समय से स्कालरशिप नहीं मिलती है और प्राइवेट संस्थान वाले अलग अलग बहाने से पैसा मांगते है। कहा कि जो दल छात्र हितों को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया जाएगा। कुलदीप बौद्ध ने कहा कि दलित समुदाय प्राइमरी से उच्च स्तर तक की शिक्षा में भेदभाव का सामना कर रहा है। इस मौके पर मनोज, अलका, शाह आलम, शिवराम, कृष्ण कुमार, रुखसाना, रेहाना आदि मौजूद रहीं।
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