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गर्भवती महिला को मिलेंगे पांच हजार रुपये
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए आठ मार्च से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पखवाड़ा शुरू किया गया है। यह 22 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान गर्भवती होने से लेकर प्रसव होने के बाद तक होने वाली सभी पंजीकरण, टीकाकरण, खानपान वाली गतिविधियों के बारे में महिलाओं को जानकारी दी जाती है। इसके लिए नुक्कड़ नाटक, पम्फलेट्स, आईईसी मैटेरियल बांटने के अलावा अस्पतालों व सब सेंटरों पर कार्यक्रम भी किए जा रहे है।
जिला समुदाय कार्यक्रम प्रबंधक (डीसीपीएम) डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने से लेकर प्रसव होने के दौरान महिलाओं को पांच हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
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यह योजना महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को एक हजार रुपये पहली किश्त में मिल जाती है।
इसके बाद दूसरी किश्त में दो हजार रुपये प्रसव पूर्व पहली जांच कराने के दौरान दी जाती है। जबकि तीसरी किश्त का दो हजार रुपये प्रसव के बाद जब बच्चे का प्रथम चक्र का टीकाकरण होता है तब दी जाती है।
इस तरह से कुल पांच हजार रुपये की धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में दिए जाते है ताकि वह अपना अच्छे से ध्यान रख सकें।
उन्होंने बताया कि यह योजना एक जनवरी 2017 को शुरु हुई थी।
इसके लिए ब्लाक व जिला स्तर पर मानीटरिंग के लिए अलग अलग टीमें बनाई गई है। इस योजना में 88 फीसदी महिलाओं को लाभ दिया जा चुका है। शेष बची महिलाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस योजना का लाभ पहले जीवित बच्चे पर ही दिया जाता है।
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इस दौरान गर्भवती होने से लेकर प्रसव होने के बाद तक होने वाली सभी पंजीकरण, टीकाकरण, खानपान वाली गतिविधियों के बारे में महिलाओं को जानकारी दी जाती है। इसके लिए नुक्कड़ नाटक, पम्फलेट्स, आईईसी मैटेरियल बांटने के अलावा अस्पतालों व सब सेंटरों पर कार्यक्रम भी किए जा रहे है।
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जिला समुदाय कार्यक्रम प्रबंधक (डीसीपीएम) डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने से लेकर प्रसव होने के दौरान महिलाओं को पांच हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
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यह योजना महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को एक हजार रुपये पहली किश्त में मिल जाती है।
इसके बाद दूसरी किश्त में दो हजार रुपये प्रसव पूर्व पहली जांच कराने के दौरान दी जाती है। जबकि तीसरी किश्त का दो हजार रुपये प्रसव के बाद जब बच्चे का प्रथम चक्र का टीकाकरण होता है तब दी जाती है।
इस तरह से कुल पांच हजार रुपये की धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में दिए जाते है ताकि वह अपना अच्छे से ध्यान रख सकें।
उन्होंने बताया कि यह योजना एक जनवरी 2017 को शुरु हुई थी।
इसके लिए ब्लाक व जिला स्तर पर मानीटरिंग के लिए अलग अलग टीमें बनाई गई है। इस योजना में 88 फीसदी महिलाओं को लाभ दिया जा चुका है। शेष बची महिलाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस योजना का लाभ पहले जीवित बच्चे पर ही दिया जाता है।