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Jalaun News: 10 हेलीपैड बनेंगे, पांच स्थानों पर जमीन चिह्नित
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फोटो - 06 हेलीपैड के लिए जमीन देखते लोक निर्माण विभाग के अधिकारी। संवाद
- फोटो : ग्राम पंचायत धवरपारा में बना सामुदायिक शौचालय दुर्दशा का शिकार ।
उरई। ग्रामीण कनेक्टिविटी और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की योजना के तहत जिले में हेलीकॉप्टर सेवाओं का नेटवर्क विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। चार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से जिले में 10 हेलीपैड बनाए जाएंगे। पांच के लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। शेष पांच स्थानों के लिए भूमि की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार लक्ष्य यह है कि प्रत्येक ब्लॉक और तहसील क्षेत्र में एक-एक हेलीपैड हो, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत संचालित किए जा सकें।
जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक हेलीपैड के लिए करीब 2,500 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। अधिकारियों के अनुसार प्रयास है कि प्रत्येक ब्लॉक और तहसील क्षेत्र में एक-एक हेलीपैड विकसित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रत्येक हेलीपैड परिसर में लगभग 676 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए मजबूत कंक्रीट का चबूतरा तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के मद्देनजर बाउंड्रीवॉल, रात्रि लैंडिंग के लिए लाइटिंग व्यवस्था तथा मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली संपर्क सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। प्रति हेलीपैड निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि इन हेलीपैड के निर्माण से आपदा प्रबंधन, मेडिकल इमरजेंसी, वीआईपी मूवमेंट और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। (संवाद)
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यह पांच जगह की गईं चिह्नित
जालौन ब्लॉक के उरगांव, कदौरा के मिनी स्टेडियम, महेवा ब्लॉक परिसर, डकोर में, कुठौंद के बस्तेपुर में जमीन जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। बाकी जगहों पर भी जमीन चिह्नित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर ब्लॉक क्षेत्र व तहसील क्षेत्र में हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
हेलीपैड पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रत्येक हेलीपैड को मानक सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं-
676 वर्ग मीटर में मजबूत कंक्रीट लैंडिंग प्लेटफॉर्म
सुरक्षा के लिए चहारदीवारी
रात्रिकालीन लैंडिंग के लिए हाईमास्ट व फ्लड लाइटिंग व्यवस्था
मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण
जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम
आपात स्थिति में एंबुलेंस की सीधी पहुंच के लिए पार्किंग व एप्रोच एरिया
संकेतक बोर्ड और दिशा सूचक साइनेंज
वीआईपी आगमन की स्थिति में अस्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था
आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
इन हेलीपैड के निर्माण से जिले में आपदा प्रबंधन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी। बाढ़, सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी स्थितियों में हेलीकॉप्टर से त्वरित परिवहन संभव हो सकेगा।
इसके अलावा—
गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय अस्पतालों तक एयरलिफ्ट करने में सुविधा।
प्रशासनिक और आपदा राहत दलों की त्वरित तैनाती।
वीआईपी व सरकारी कार्यक्रमों के दौरान सुगम आवागमन।
निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर संपर्क व्यवस्था।
वर्जन
जिले में 10 नए हेलीपैड बनाए जाने हैं। पांच स्थानों पर भूमि चिह्नित हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों के लिए जमीन की तलाश जारी है। शीघ्र ही प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को भी हवाई संपर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच पहले से अधिक सुलभ हो सकेगी।
- अमित सक्सेना, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक हेलीपैड के लिए करीब 2,500 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। अधिकारियों के अनुसार प्रयास है कि प्रत्येक ब्लॉक और तहसील क्षेत्र में एक-एक हेलीपैड विकसित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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प्रत्येक हेलीपैड परिसर में लगभग 676 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए मजबूत कंक्रीट का चबूतरा तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के मद्देनजर बाउंड्रीवॉल, रात्रि लैंडिंग के लिए लाइटिंग व्यवस्था तथा मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली संपर्क सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। प्रति हेलीपैड निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि इन हेलीपैड के निर्माण से आपदा प्रबंधन, मेडिकल इमरजेंसी, वीआईपी मूवमेंट और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। (संवाद)
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यह पांच जगह की गईं चिह्नित
जालौन ब्लॉक के उरगांव, कदौरा के मिनी स्टेडियम, महेवा ब्लॉक परिसर, डकोर में, कुठौंद के बस्तेपुर में जमीन जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। बाकी जगहों पर भी जमीन चिह्नित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर ब्लॉक क्षेत्र व तहसील क्षेत्र में हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
हेलीपैड पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रत्येक हेलीपैड को मानक सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं-
676 वर्ग मीटर में मजबूत कंक्रीट लैंडिंग प्लेटफॉर्म
सुरक्षा के लिए चहारदीवारी
रात्रिकालीन लैंडिंग के लिए हाईमास्ट व फ्लड लाइटिंग व्यवस्था
मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण
जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम
आपात स्थिति में एंबुलेंस की सीधी पहुंच के लिए पार्किंग व एप्रोच एरिया
संकेतक बोर्ड और दिशा सूचक साइनेंज
वीआईपी आगमन की स्थिति में अस्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था
आपदा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
इन हेलीपैड के निर्माण से जिले में आपदा प्रबंधन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी। बाढ़, सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी स्थितियों में हेलीकॉप्टर से त्वरित परिवहन संभव हो सकेगा।
इसके अलावा—
गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय अस्पतालों तक एयरलिफ्ट करने में सुविधा।
प्रशासनिक और आपदा राहत दलों की त्वरित तैनाती।
वीआईपी व सरकारी कार्यक्रमों के दौरान सुगम आवागमन।
निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर संपर्क व्यवस्था।
वर्जन
जिले में 10 नए हेलीपैड बनाए जाने हैं। पांच स्थानों पर भूमि चिह्नित हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों के लिए जमीन की तलाश जारी है। शीघ्र ही प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को भी हवाई संपर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच पहले से अधिक सुलभ हो सकेगी।
- अमित सक्सेना, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग