{"_id":"5c670accbdec223c46438f6b","slug":"writer-raid-protest-on-the-murder-of-a-partner","type":"story","status":"publish","title_hn":"साथी की हत्या पर भड़के लेखपाल, धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साथी की हत्या पर भड़के लेखपाल, धरना प्रदर्शन
Sat, 16 Feb 2019 12:26 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 16 Feb 2019 12:26 AM IST
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपालों और एक किसान में होती नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सादाबाद। जनपद मऊ में कार्यरत लेखपाल धीरज सिंह के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने व पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनरतले लेखपालों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष ऋषि कुमार, मंत्री ह्देश कुमार शर्मा ने कहा कि लेखपाल सीधे जनता से जुड़ा ग्राम स्तरीय कर्मचारी है। वर्तमान में किसान सम्मान निधि योजना के कार्य को भी लेखपाल बखूबी कर रहे हैं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो कि सीधे आर्थिक लाभ से जुड़ी हैं, इस वजह से लेखपालों से किसानों के आए दिन विवाद होते रहते हैं, जिसमें मारपीट और हत्या की घटनाएं तक हो जाती हैं, लेकिन लेखपालों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। जनपद मऊ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का आवेदन लेकर आए कुछ लोगों ने लेखपाल धीरज सिंह को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस घटना से लेखपालों में आक्रोश है। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर अधिकतम सजा दिलाई जाए। ड्यूटी रहते हुए शहीद लेखपाल धीरज सिंह के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष व प्रधानमंत्री राहत कोष से 50 लाख की आर्थिक मदद दी जाए। शहीद लेखपाल की पी को पेंशन, आश्रितों को तत्काल नौकरी दी जाए। सुरक्षा की दृष्टि से लेखपालों के शस्त्र लाइसेंस आवेदन पत्रों पर बिना पुलिस जांच के एसडीएम की संस्तुति पर शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाएं। तदुपरांत आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को भी मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर दरब सिंह तोमर, नागेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश, नेत्रपाल सिंह, महेशपाल गौतम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष ऋषि कुमार, मंत्री ह्देश कुमार शर्मा ने कहा कि लेखपाल सीधे जनता से जुड़ा ग्राम स्तरीय कर्मचारी है। वर्तमान में किसान सम्मान निधि योजना के कार्य को भी लेखपाल बखूबी कर रहे हैं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो कि सीधे आर्थिक लाभ से जुड़ी हैं, इस वजह से लेखपालों से किसानों के आए दिन विवाद होते रहते हैं, जिसमें मारपीट और हत्या की घटनाएं तक हो जाती हैं, लेकिन लेखपालों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की जाती। जनपद मऊ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का आवेदन लेकर आए कुछ लोगों ने लेखपाल धीरज सिंह को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इस घटना से लेखपालों में आक्रोश है। ज्ञापन में मांग की गई कि हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर अधिकतम सजा दिलाई जाए। ड्यूटी रहते हुए शहीद लेखपाल धीरज सिंह के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष व प्रधानमंत्री राहत कोष से 50 लाख की आर्थिक मदद दी जाए। शहीद लेखपाल की पी को पेंशन, आश्रितों को तत्काल नौकरी दी जाए। सुरक्षा की दृष्टि से लेखपालों के शस्त्र लाइसेंस आवेदन पत्रों पर बिना पुलिस जांच के एसडीएम की संस्तुति पर शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाएं। तदुपरांत आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को भी मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर दरब सिंह तोमर, नागेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश, नेत्रपाल सिंह, महेशपाल गौतम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन