Hathras News: एक चिकित्सक के सहारे चल रहा महिला अस्पताल, रोजाना पहुंच रहे 250 मरीज
जिला महिला अस्पताल में सात चिकित्सकों की तैनाती है। निश्चेतक लंबे समय से बिना सूचना छुट्टी पर, त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक लंबे समय से छुट्टी पर, एक चिकित्सक चाइल्ड केयर लीव पर, एक बाल रोग विशेषज्ञ एसएनसीयू में तैनात रहते हैं।
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हाथरस के जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं महज एक महिला चिकित्सक के सहारे चल रही हैं। बुधवार को वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में करीब 250 महिला मरीज पहुंची ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाएं सिर्फ एक ही चिकित्सक के कंधे पर थीं। महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों के 14 पद हैं। इसके सापेक्ष यहां सात चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें से निश्चेतक लंबे समय से बिना सूचना छुट्टी पर हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक लंबे समय से छुट्टी पर हैं। एक चिकित्सक चाइल्ड केयर लीव पर हैं। एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जो एसएनसीयू में तैनात रहते हैं। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ दो महिला चिकित्सकों के कंधों पर ही रहता है। इनमें से एक चिकित्सक की ड्यूटी रात में रहती है।
मजबूरन दिन में ओपीडी से लेकर प्रसव और सिजेरियन प्रसव तक की जिम्मेदारी एक ही चिकित्सक के कंधों पर आ जाती है। बुधवार को अस्पताल में एकमात्र चिकित्सक डॉ. मंजू रानी पर ही ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की जिम्मेदारी रही, जिससे यहां उपचार कराने आईं महिला मरीजों को उपचार के लिए काफी देर इंतजार करना करना पड़ा।
उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल आई हूं। अस्पताल में महज एक ही महिला चिकित्सक है, इसलिए उपचार के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। -पूजा
उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल आई हूं। यहां चिकित्सकों और अन्य संसाधनों की काफी कमी है। ओपीडी में एकमात्र महिला चिकित्सक हैं। उनसे परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा। -कृष्णा
अतिरिक्त चिकित्सक की मांग के लिए शासन को लिखा जा चुका है। अभी तक चिकित्सक नहीं मिले हैं। हमारी कोशिश रहती है कि सीमित संसाधनों में मरीजों को समुचित उपचार दिया जाए। -डॉ. शैली सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल