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Hathras News: जलभराव के विरोध में महिलाओं ने किया प्रदर्शन
Fri, 05 Apr 2024 11:52 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:52 PM IST
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गांव नगला ब्राह्मण में जलभराव की समस्या पर विरोध जतातीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
क्षेत्र के ग्राम पंचायत मढ़ापिथू के मजरा नगला ब्राह्मण में टूटी सड़क एवं गांव के बाईपास पर जलभराव की समस्या को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करने की चेतावनी दी। एसडीएम, सीओ व तहसीलदार ने गांव पहुंचकर महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
विरोध प्रदर्शन एवं मतदान नहीं करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ, जिसके बाद एसडीएम मनीष चौधरी, सीओ गोपाल सिंह, तहसीलदार अनिरुद्ध यादव, प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार, पंचायत सचिव बंशीवाला एवं क्षेत्रीय लेखपाल गांव में पहुंचे और महिलाओं को समझाने लगे। महिलाओं का कहना था कि जब तक यह कार्य नहीं होगा, तब तक वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगी।
एसडीएम ने शनिवार को ही गांव के बाईपास हुए जलभराव की निकासी के लिए कच्ची नाली खोदवाने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को समझाया कि इस समय आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जा सकता। चुनाव के बाद अतिशीघ्र ही गांव के लिए आने वाली सड़क का भी निर्माण करवा दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।
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ग्रामीणों बताया कि गांव के लिए आने वाली सड़क का निर्माण वर्ष 1982-83 में हुआ था । इसके बाद इस पर लेपन कार्य वर्ष 2002 में हुआ है। 22 वर्ष व्यतीत होने के बाद इस सड़क पर कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क पर कंकड़ के अलावा आपको कुछ नहीं मिलेगा। शायद ही जिले का कोई अधिकारी होगा, जिसको उन्होंने इस सड़क को बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र न दिया हो, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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विरोध प्रदर्शन एवं मतदान नहीं करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ, जिसके बाद एसडीएम मनीष चौधरी, सीओ गोपाल सिंह, तहसीलदार अनिरुद्ध यादव, प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार, पंचायत सचिव बंशीवाला एवं क्षेत्रीय लेखपाल गांव में पहुंचे और महिलाओं को समझाने लगे। महिलाओं का कहना था कि जब तक यह कार्य नहीं होगा, तब तक वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगी।
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एसडीएम ने शनिवार को ही गांव के बाईपास हुए जलभराव की निकासी के लिए कच्ची नाली खोदवाने के निर्देश पंचायत सचिव को दिए। इसके बाद उन्होंने महिलाओं को समझाया कि इस समय आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। इस कारण कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जा सकता। चुनाव के बाद अतिशीघ्र ही गांव के लिए आने वाली सड़क का भी निर्माण करवा दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं।
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ग्रामीणों बताया कि गांव के लिए आने वाली सड़क का निर्माण वर्ष 1982-83 में हुआ था । इसके बाद इस पर लेपन कार्य वर्ष 2002 में हुआ है। 22 वर्ष व्यतीत होने के बाद इस सड़क पर कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क पर कंकड़ के अलावा आपको कुछ नहीं मिलेगा। शायद ही जिले का कोई अधिकारी होगा, जिसको उन्होंने इस सड़क को बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र न दिया हो, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।