{"_id":"66fac818dc165a1ad6051026","slug":"woman-accused-of-hathras-satsang-accident-gets-conditional-interim-bail-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस सत्संग हादसा: आरोपी महिला को मिली सशर्त अंतरिम जमानत, 4 जुलाई से है जेल में बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस सत्संग हादसा: आरोपी महिला को मिली सशर्त अंतरिम जमानत, 4 जुलाई से है जेल में बंद
Mon, 30 Sep 2024 09:18 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 30 Sep 2024 09:18 PM IST
सार
उच्च न्यायालय ने आरोपी महिला मंजू यादव को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है कि वह जांच के दौरान जांच अधिकारी के साथ सहयोग करेगी। वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी ऐसे व्यक्ति को कोई प्रलोभन, धमकी नहीं देगी। उसे अपना पासपोर्ट, यदि कोई हो, न्यायालय को सौंपना होगा।
विज्ञापन
हाथरस हादसे से पहले सत्संग का दृश्य
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस में सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी सत्संग में हुए हादसे की एक महिला आरोपी मंजू यादव की अंतरिम जमानत उच्च न्यायालय ने स्वीकृत कर दी है।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय ने आरोपी महिला की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। आरोपी महिला के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि वह निर्दोष है तथा उसे वर्तमान मामले में झूठा फंसाया गया है। आवेदक लगभग 45 वर्ष की विवाहित महिला है तथा उसका नाम एफआईआर में नहीं है, यहां तक कि उसकी कोई भूमिका भी नहीं है।
विज्ञापन
जांच के दौरान जांच अधिकारी ने 02 जुलाई के आध्यात्मिक आयोजन का एक पैम्फलेट प्राप्त किया है, जिसमें आवेदक का नाम सीरियल नंबर 76 पर दर्शाया गया है तथा सूची में दिखाए गए उसके नाम के आधार पर ही आवेदक को फंसाया गया है। आवेदक 4 जुलाई से जेल में बंद है तथा उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय ने आरोपी महिला मंजू यादव को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है कि वह जांच के दौरान जांच अधिकारी के साथ सहयोग करेगी और जब भी आवश्यक हो, जांच अधिकारी को रिपोर्ट करेगी। वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी ऐसे व्यक्ति को कोई प्रलोभन, धमकी नहीं देगी। उसे अपना पासपोर्ट, यदि कोई हो, न्यायालय को सौंपना होगा।