कहां गए बंद हुई गोशालाओं के गोवंश?
सरकार की ओर से भी अस्थाई गोशालाओं के निर्माण किए जाने के आदेश पर जिला प्रशासन ने ब्लॉकों में आवारा पशुओं को रखने के लिए मनरेगा व अन्य विभागों की मदद से 36 अस्थाई गोशालाओं का निर्माण कराया था। जिनमें 2400 की संख्या में पशुओं का रखा गया। लेकिन अब मात्र 16 अस्थाई गोशाला ही संचालित हैं। सवाल ये है कि जो गोशालाएं संचालित नहीं हैं, उनके पशु कहां हैं? सीवीओ बीपी सिंह ने सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और सभी ब्लॉकों के बीडीओ को पत्र लिखकर जबाव मांगा है।
सीवीओ को कारण बताओ नोटिस
सासनी क्षेत्र में पराग डेयरी में गोवंश की मौत के मामले में एडीएम डॉ. अशोक कुमार शुक्ला ने सीवीओ को कारण बताओ नोटिस दिया है। उल्लेखनीय है कि पराग डेयरी परिसर में बनी अस्थाई गोशाला में डीएम के निरीक्षण के बाद भी अव्यवस्थाएं बनी हुईं है। रविवार को पांच गोवंश की मौत हो गई। इस मामले में सीवीओ की लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी है।
वर्तमान स्थिति
शहरी क्षेत्रः
अस्थाई गोशालाएं - 4
गोवंशों की संख्या - 304
ग्रामीण क्षेत्रः
अस्थाई गोशालाएं - 12
गोवंशों की संख्या - 1215
सभी नगर निकायों के ईओ और ब्लॉकों के बीडीओ से लगातार गोवंशों की संख्या में गिरावट की वजह पूछी गई है, अभी तक किसी भी अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया है।
बीपी सिंह, सीवीओ