संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र के गांव रसगवां में हाथरस ब्रांच से आने वाली नहर की पटरी कटने से कई किसानों की खेतों में खड़ी आलू एवं गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पटरी कटने का जैसे ग्रामीणों को पता चला तो वह उसकी उसको भरने के लिए दौड़े चले आए। पटरी का कटान अधिक न होने के कारण ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने शीघ्र ही पटरी कटने से फसलों की ओर जा रहे पानी को रोक लिया।
ग्राम प्रधान विरमा वाल्मीकि का कहना है कि हमारे गांव के पास ही हर साल इस नहर का कटान होता है। इसके लिए हम लोगों ने हर बार नहर विभाग से इसकी शिकायत की है लेकिन हर बार उनके गांव के पास ही नहर की पटरी कट जाती है। सूचना देने के बाद नहर विभाग के कर्मचारी भी पटरी को भरने के लिए जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गए और उन लोगों भी खानापूर्ति कर ली। नहर की पटरी कटने से गांव के राकेश के पांच बीघे गेहूं उसके भाई प्रवेश के दो बीघे आलू एवं दो बीघे गेहूं, रमेश के छह बीघा आलू, हरिओम शर्मा के नौ, योगेश शर्मा की ग्यारह बीघा एवं वीरेश फौजी के चार बीघा आलू की फसल जलमग्न हो गई। तहसील से क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीन कुमार शर्मा भी पहुंच गए और उसने किसानों की फसलों में हुए नुकसान का आकलन कर प्रशासन को दे दिया है।