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Hathras News: पानी पहुंचा नहीं, फिर भी कर दिया 97.86 लाख का भुगतान
Thu, 20 Nov 2025 02:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 20 Nov 2025 02:23 AM IST
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नगला महेंद्र की गली, जिसमें पाइप लाइन नहीं बिछी। संवाद
- फोटो : samvad
राज्य सेक्टर की पेयजल योजना के तहत शहर के वार्ड 26 में साढ़े 700 परिवारों को पेयजल आपूर्ति करने के लिए 97.86 लाख रुपये से प्रस्तावित कार्य पूरे हुए नहीं, उससे पहले ही नगर पालिका ने तीनों टेंडरों की धनराशि का भुगतान कार्यदायी संस्थाओं को कर दिया। वार्ड में अभी तक महज ढाई सौ परिवारों को ही पेयजल मुहैया हो पा रहा है, जबकि पांच सौ परिवार अब भी इससे वंचित हैं।
इस वार्ड में पेयजल संबंधी कार्याें के तीन टेंडर निकाले गए। दो टेंडरों के तहत इस वार्ड में कार्य हुए, लेकिन वे भी अभी तक आधे-अधूरे हैं, जबकि तीसरे टेंडर के तो कार्य शुरू ही नहीं हुए। खास बात तो यह है कि तीसरा टेंडर जिन इलाकों के लिए निकाला गया, वहां पहले से ही पेयजल पाइप लाइन बिछी है। मतलब, पुराने कार्य पर ही नया भुगतान कर दिया गया। इधर, जिन जगहों पर पाइपलाइन डली, वहां भी अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा। योजनाओं के नाम पर सरकारी धन की लीपापोती पर ग्रामीणों में आक्रोश है।
घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था
राज्य सेक्टर की पेयजल योजना के तहत नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2022-23 में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए 3.94 करोड़ में 12 कार्ययोजनाएं तैयार की थीं। इनमें से दो काम नगला भीम कलवारी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने और वाटर वर्क्स में भूमिगत जलाशय को नलकूप से जोड़ने में हुए घोटाले को संवाद न्यूज एजेंसी उजागर कर चुकी है। अब वार्ड संख्या 26 में हुए पेयजल आपूर्ति के कार्याें में भी गड़बड़झाला सामने आया है।
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यहां होने वाले कार्याें को तीन टुकड़ों में बांटा गया। एक कार्य पुलिया से ढकपुरा रोड पर 39.81 लाख रुपये पाइप लाइन बिछाने का था, दूसरा कार्य नगला महेंद्र की विभिन्न गलियों में 38.48 लाख रुपये से एचडीपीई पाइप लाइन बिछाने और तीसरा कार्य नगला महेंद्र (ढकपुरा रोड) की विभिन्न गलियों में 19.57 लाख रुपये से एचडीपीई पाइप लाइन बिछाने का था। नगला महेंद्र के नाम से दो टेंडर निकाले गए। इसमें से एक टेंडर के कार्य तो इस इलाके में आठ साल पहले ही हो चुके हैं, फिर भी इसे नया कार्य दर्शाकर भुगतान कर दिया गया।
तीनों कार्याें में हुई लीपापोती
वार्ड 26 में कुल 97.86 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने के कार्य होने थे। ढकपुरा रोड पर पाइप लाइन बिछाई गई। इस कार्य को डेढ़ साल से ऊपर हो गया, लेकिन अभी तक लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच सका। सड़क पर पाइप निकालकर छोड़ दी गई और घर-घर कनेक्शन भी नहीं दिए गए। दूसरा कार्य नगला महेंद्र में हुआ। यहां एक पाइप लाइन मुख्य रोड और एक गली में बिछाई गई, जो कि लगभग 200 मीटर है।
एक ही नाम के दो टेंडर
पालिका ने एक ही नाम से दो टेंडर निकाल दिए। दोनों ही नगला महेंद्र की विभिन्न गलियों के थे। बस एक में नगला महेंद्र के साथ ढकपुरा रोड जोड़ दिया गया, जबकि ढकपुरा रोड पर ही नगला महेंद्र है, कहीं और नहीं। वार्ड 26 में पहुंचकर जब पड़ताल की गई तो हकीकत उजागर हुई। महिलाएं हैंडपंप से पानी भरती नजर आईं। सभासद श्रद्धा कुमारी ने बताया कि इस प्रकरण से नगर पालिका के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने गड़बड़ी की जांच कराने और लोगो को पानी मुहैया कराने की मांग की है।
भौतिक सत्यापन कराएं अधिकारी
नगर पालिका द्वारा पेयजल योजना के तहत कराए गए कार्याें में गडबड़ी की गई है। अधिकारियों से प्रकरण में शिकायत भी हुई है। उच्च स्तरीय जांच कराके कार्याें का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो हकीकत उजागर हो जाएगी। सही जांच होने पर चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आएंगे।
-प्रशांत कौशिक, समाजसेवी व शिकायतकर्ता
-
सरकारी हैंडपंप से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। घर के बाहर पाइप निकालकर छोड़ दी गई है, जिसमें पानी ही नहीं आता। कभी-कभार आता है तो इतना कम आता है कि बाल्टी भी नहीं भर पाती।
-कुसुम निवासी ढकपुरा
घरों तक कनेक्शन नहीं किए हैं, केवल सड़क पर कुछ इंच पाइप निकालकर छोड़ दी गई है। इसमें भी पानी नहीं आता है। पाइपलाइन बिछाने के काम की जांच होनी चाहिए, जिससे हकीकत पता चल सके।
-सुमन निवासी ढकपुरा
हमारे यहां पेजयल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन काफी समय पहले बिछ चुकी है। लगभग आठ साल पहले पाइप लाइन बिछाई गई थी। पिछले दो-तीन वर्षों में यहां कोई काम नहीं हुआ है।
-टिंकू निवासी महेंद्र नगर ढकपुरा रोड
-
पेजयल की पाइप लाइन बिछे आठ से नौ वर्ष हो चुके हैं। ढकपुरा रोड पर पाइपलाइन बिछाई गई है। नगला महेंद्र में हाल फिलहाल में कोई पाइपलाइन नहीं बिछी है।
सोनू निवासी नगला महेंद्र
ढकपुरा में घरों तक पानी न पहुंचने की शिकायत मिली है। संबंधित कर्मियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया के आरोपों पर पत्रावलियां देकर ही कुछ कहा जा सकता है। गड़बड़ी मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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इस वार्ड में पेयजल संबंधी कार्याें के तीन टेंडर निकाले गए। दो टेंडरों के तहत इस वार्ड में कार्य हुए, लेकिन वे भी अभी तक आधे-अधूरे हैं, जबकि तीसरे टेंडर के तो कार्य शुरू ही नहीं हुए। खास बात तो यह है कि तीसरा टेंडर जिन इलाकों के लिए निकाला गया, वहां पहले से ही पेयजल पाइप लाइन बिछी है। मतलब, पुराने कार्य पर ही नया भुगतान कर दिया गया। इधर, जिन जगहों पर पाइपलाइन डली, वहां भी अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा। योजनाओं के नाम पर सरकारी धन की लीपापोती पर ग्रामीणों में आक्रोश है।
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घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था
राज्य सेक्टर की पेयजल योजना के तहत नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2022-23 में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए 3.94 करोड़ में 12 कार्ययोजनाएं तैयार की थीं। इनमें से दो काम नगला भीम कलवारी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने और वाटर वर्क्स में भूमिगत जलाशय को नलकूप से जोड़ने में हुए घोटाले को संवाद न्यूज एजेंसी उजागर कर चुकी है। अब वार्ड संख्या 26 में हुए पेयजल आपूर्ति के कार्याें में भी गड़बड़झाला सामने आया है।
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यहां होने वाले कार्याें को तीन टुकड़ों में बांटा गया। एक कार्य पुलिया से ढकपुरा रोड पर 39.81 लाख रुपये पाइप लाइन बिछाने का था, दूसरा कार्य नगला महेंद्र की विभिन्न गलियों में 38.48 लाख रुपये से एचडीपीई पाइप लाइन बिछाने और तीसरा कार्य नगला महेंद्र (ढकपुरा रोड) की विभिन्न गलियों में 19.57 लाख रुपये से एचडीपीई पाइप लाइन बिछाने का था। नगला महेंद्र के नाम से दो टेंडर निकाले गए। इसमें से एक टेंडर के कार्य तो इस इलाके में आठ साल पहले ही हो चुके हैं, फिर भी इसे नया कार्य दर्शाकर भुगतान कर दिया गया।
तीनों कार्याें में हुई लीपापोती
वार्ड 26 में कुल 97.86 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने के कार्य होने थे। ढकपुरा रोड पर पाइप लाइन बिछाई गई। इस कार्य को डेढ़ साल से ऊपर हो गया, लेकिन अभी तक लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच सका। सड़क पर पाइप निकालकर छोड़ दी गई और घर-घर कनेक्शन भी नहीं दिए गए। दूसरा कार्य नगला महेंद्र में हुआ। यहां एक पाइप लाइन मुख्य रोड और एक गली में बिछाई गई, जो कि लगभग 200 मीटर है।
एक ही नाम के दो टेंडर
पालिका ने एक ही नाम से दो टेंडर निकाल दिए। दोनों ही नगला महेंद्र की विभिन्न गलियों के थे। बस एक में नगला महेंद्र के साथ ढकपुरा रोड जोड़ दिया गया, जबकि ढकपुरा रोड पर ही नगला महेंद्र है, कहीं और नहीं। वार्ड 26 में पहुंचकर जब पड़ताल की गई तो हकीकत उजागर हुई। महिलाएं हैंडपंप से पानी भरती नजर आईं। सभासद श्रद्धा कुमारी ने बताया कि इस प्रकरण से नगर पालिका के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने गड़बड़ी की जांच कराने और लोगो को पानी मुहैया कराने की मांग की है।
भौतिक सत्यापन कराएं अधिकारी
नगर पालिका द्वारा पेयजल योजना के तहत कराए गए कार्याें में गडबड़ी की गई है। अधिकारियों से प्रकरण में शिकायत भी हुई है। उच्च स्तरीय जांच कराके कार्याें का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो हकीकत उजागर हो जाएगी। सही जांच होने पर चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आएंगे।
-प्रशांत कौशिक, समाजसेवी व शिकायतकर्ता
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सरकारी हैंडपंप से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। घर के बाहर पाइप निकालकर छोड़ दी गई है, जिसमें पानी ही नहीं आता। कभी-कभार आता है तो इतना कम आता है कि बाल्टी भी नहीं भर पाती।
-कुसुम निवासी ढकपुरा
घरों तक कनेक्शन नहीं किए हैं, केवल सड़क पर कुछ इंच पाइप निकालकर छोड़ दी गई है। इसमें भी पानी नहीं आता है। पाइपलाइन बिछाने के काम की जांच होनी चाहिए, जिससे हकीकत पता चल सके।
-सुमन निवासी ढकपुरा
हमारे यहां पेजयल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन काफी समय पहले बिछ चुकी है। लगभग आठ साल पहले पाइप लाइन बिछाई गई थी। पिछले दो-तीन वर्षों में यहां कोई काम नहीं हुआ है।
-टिंकू निवासी महेंद्र नगर ढकपुरा रोड
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पेजयल की पाइप लाइन बिछे आठ से नौ वर्ष हो चुके हैं। ढकपुरा रोड पर पाइपलाइन बिछाई गई है। नगला महेंद्र में हाल फिलहाल में कोई पाइपलाइन नहीं बिछी है।
सोनू निवासी नगला महेंद्र
ढकपुरा में घरों तक पानी न पहुंचने की शिकायत मिली है। संबंधित कर्मियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया के आरोपों पर पत्रावलियां देकर ही कुछ कहा जा सकता है। गड़बड़ी मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका