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महिलाओं के प्रति हिंसा स्वीकार्य नहीं : खोंगडुप
Fri, 05 Dec 2025 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 05 Dec 2025 02:11 AM IST
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महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, उत्पीड़न या किसी प्रकार का अपराध किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पीड़ित महिलाओं को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। ये बातें राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डेलिना खोंगडुप ने बृहस्पतिवार को तहसील सदर में महिला जनसुनवाई में कहीं।
आयोग की ओर से संचालित राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत हुई बैठक में सदस्य ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, साइबर क्राइम तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कुल 71 लंबित और 15 नए मिलाकर 86 प्रकरणों की विस्तृत सुनवाई की। इनमें से लगभग 42 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण भी कराया गया। शेष मामलों में पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग से मनोवैज्ञानिक सलोनी प्रभाकर, विधिवेत्ता दिव्यांशु भारती, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी आदि मौजूद रहे।
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आयोग की ओर से संचालित राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत हुई बैठक में सदस्य ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, साइबर क्राइम तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कुल 71 लंबित और 15 नए मिलाकर 86 प्रकरणों की विस्तृत सुनवाई की। इनमें से लगभग 42 प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण भी कराया गया। शेष मामलों में पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग से मनोवैज्ञानिक सलोनी प्रभाकर, विधिवेत्ता दिव्यांशु भारती, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी आदि मौजूद रहे।
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