Hathras: सड़क न बनने पर ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल पर जड़ा ताला, समस्या समाधान को रोकी बच्चों की पढ़ाई
सड़क नहीं बनने पर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगा दिया। ग्रामीणों की समस्या और अपनी मांग अपनी जगह है, लेकिन विरोध के तरीके पर भी सवाल है। गुस्सा अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर है, लेकिन इसके लिए बच्चों को स्कूल जाने से रोक पढ़ाई से वंचित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। दो दिन से ग्रामीण विरोध कर रहे हैं लेकिन कोई अफसर या जनप्रतिनिधि उनके बीच नहीं पहुंचा।
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आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि संपर्क मार्ग नहीं बनेगा, तब तक हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब बच्चे कक्षा पांच से आगे पढ़ने के लिए सासनी तक नहीं पहुंच सकते हैं, तो इतना भी क्यों पढ़ाएं। प्राइवेट स्कूलों की बसें भी गांव में आने से कतराती हैं। इस कारण निजी स्कूलों में भी बच्चे नहीं पहुंच पाते हैं। प्रतिदिन निजी साधनों की मदद से ही बच्चे सासनी तक जा पाते हैं। सड़क बनने तक सरकारी स्कूलों को नहीं खोलने देंगे। कई बार समस्या से अधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ।
15 साल बीते... जाने कब बनेगी सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि यह संपर्क मार्ग 14 नंबर भट्टे से हरिया नगला मार्ग होते हुए बिलखौरा खुर्द एवं बिलखौरा कलां को जोड़ता है। यह संपर्क मार्ग 15 वर्षों से टूटा पड़ा है। ग्रामीणों को हर स्तर पर केवल आश्वासन ही मिले हैं। डेढ़ दशक में भी इसका निर्माण न होना व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। ग्राम पंचायतों को जाने वाले संपर्क मार्ग क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, विधायक एवं सांसद निधि के साथ प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत भी बनवाया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को उनके हाल पर छोड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विधानसभा चुनाव में भी ग्रामीणों ने मताधिकार का बहिष्कार का करने का मन बनाया था लेकिन उच्च अधिकारियों के समझाने और सड़क निर्माण का आश्वासन देने के बाद उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद अधिकारियों ने भी सुध नहीं ली।
समस्या के समाधान के लिए बच्चों को पढ़ाई से रोकी
ग्रामीणों की समस्या और अपनी मांग अपनी जगह है, लेकिन विरोध के तरीके पर भी सवाल है। गुस्सा अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर है, लेकिन इसके लिए बच्चों को स्कूल जाने से रोक पढ़ाई से वंचित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। दो दिन से ग्रामीण विरोध कर रहे हैं लेकिन कोई अफसर या जनप्रतिनिधि उनके बीच नहीं पहुंचा।
मैं बीआरसी पर ट्रेनिंग कर रही हूं, मेरे शिक्षकों ने मुझे बीआरसी पर आकर घटना के बारे में अवगत कराया। मैंने अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। दूसरे दिन भी प्राथमिक विद्यालय 33 में पंजीकृत छात्रों में से एक भी स्कूल नहीं पहुंचा। शिक्षकों को गेट से बाहर निकाल दिया और ताला डाल दिया। प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा कलां के प्राथमिक विद्यालय में 119 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन दूसरे दिन भी कोई भी छात्र नहीं आया। अभिभावकों ने गेट को बंद कर दिया। -अनीता कुमारी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द।
गांव के चारों तरफ के रास्ते टूटे पड़े हुए हैं, जरा सी बारिश में गांव में कीचड़ भर जाती है। विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का भी मन बनाया था, उच्च अधिकारियों के समझाने के बाद हमने विधानसभा चुनाव में भाग लिया ,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। -सरदार सिंह, बिलखौरा खुर्द।
हमें सरकार से कोई भी सुविधा जब तक नहीं चाहिए, गांव में जब तक हमारे गांव का संपर्क मार्ग नहीं बन जाता। सड़क बनने तक तक हम प्रदर्शन करते रहेंगे।-मुनेंद्र सिंह, बिलखौरा खुर्द।
गांव के चारों तरफ के मार्ग टूटे पड़े हैं लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी समस्या का हल नहीं कर पा रहा है। यह संपर्क मार्ग जब तक नहीं बनेगा, हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। -विशम्बर सिंह, बिलखौरा कला।
ग्रामीणों ने आज भी अपने बच्चे नहीं भेजें। स्कूल पर हंगामा किया है। जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को बता दिया है। -नंद कुमार पाठक, प्रधानाध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द।
मामला संज्ञान में है, शिक्षकों ने बताया है कि ग्रामीणों ने गेट का ताला लटका दिया है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा है। सड़क की समस्या है, आगे की कार्रवाई की जा रही है। -अखिलेश प्रताप सिंह, एबीएसए।
मामला संज्ञान में नहीं है जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेरे समय काल में सड़क निर्माण संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं आया है। -प्रतिभा कमल माहौर, ब्लॉक प्रमुख, सासनी।