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ऊतरा गांव में भी 30 साल बाद आया कुंए में पानी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:10 AM IST
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सासनी। हाथरस के गांव सिकंदपुर के बाद अब सासनी के गांव ऊतरा में भी एक कुंए पर अंधविश्वास की भीड़ जुटने लगी है। गांववासी 30 साल बाद कुंए में अचानक पानी आने की बात कह रहे हैं। देखते ही देखते सिकंदपुर की तरह ऊतरा में भी जनसैलाब उमड़ने लगा। मंगलवार को पूरे दिन बच्चों से लेकर बड़े तक कुंए के पानी से नहाते रहे।
ऊतरा गांव के केहरी सिंह के खेत में प्राचीन कुंआ और पीपल के पेड़ के नीचे देवस्थान बना है। बताते है कि देव स्थान की सफाई के बाद लिपाई-पुताई के लिए पड़ोसी से पानी मांगा था। पानी की मना करने के बाद मंगलवार की सुबह कुंए में पानी आने की खबर मिलते ही देखने के लिए ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो गई। बाल्टी से पानी निकाल कर ग्रामीणों ने हाथ-पैर धोने तथा नहाना शुरु कर दिया। यहां तक कि बोतल में पानी भर कर ले जाने का क्रम भी शुरू हो गया। इसी दौरान किसी उत्पाती ने पीपल के पेड़ पर लटके मधुमंक्खी के छत्ते में पत्थर मार दिया। नाराज मधुमक्खी दर्शकों के पीछे पड़ गई। दर्शकों ने मौके से भाग कर जान बचाई। हालांकि ग्रामीण इसे अंधविश्वास ही मान रहे हैं। लेकिन मौके पर अंधविश्वास को मानने वाले भी कम नहीं थे।
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ऊतरा गांव के केहरी सिंह के खेत में प्राचीन कुंआ और पीपल के पेड़ के नीचे देवस्थान बना है। बताते है कि देव स्थान की सफाई के बाद लिपाई-पुताई के लिए पड़ोसी से पानी मांगा था। पानी की मना करने के बाद मंगलवार की सुबह कुंए में पानी आने की खबर मिलते ही देखने के लिए ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो गई। बाल्टी से पानी निकाल कर ग्रामीणों ने हाथ-पैर धोने तथा नहाना शुरु कर दिया। यहां तक कि बोतल में पानी भर कर ले जाने का क्रम भी शुरू हो गया। इसी दौरान किसी उत्पाती ने पीपल के पेड़ पर लटके मधुमंक्खी के छत्ते में पत्थर मार दिया। नाराज मधुमक्खी दर्शकों के पीछे पड़ गई। दर्शकों ने मौके से भाग कर जान बचाई। हालांकि ग्रामीण इसे अंधविश्वास ही मान रहे हैं। लेकिन मौके पर अंधविश्वास को मानने वाले भी कम नहीं थे।
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