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बेकाबू भीड़ ने उखाड़ा बैंक का गेट, हंगामा
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 05 Dec 2016 11:49 PM IST
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कैश न मिलने पर ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की अलीगढ़ रोड शाखा पर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के 27 वें दिन भी बैंकों से नकद निकासी के लिए लोग तरस गए। नकद निकासी के लिए लोग बैंकों के बाहर कतारों में तो लगे, लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल पाया, जिससे कई बैंकों के बाहर जमकर हंगामा, धक्की-मुक्की, नोक-झाेेंक और नारेबाजी हुई। बेकाबू भीड़ ने सहपऊ के सिंडिकेट बैंक के मुख्य गेट ( चेनल) को उखाड़ दिया। इस दौरान बैंक और पुलिस कर्मियों से भी लोगों की जमकर नोक-झोंक हुई।
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुले बैंकों के बाहर दिन निकलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह दस बजे जब बैंक खुले तो उनमें अंदर घुसने के लिए भीड़ एकदम से टूट पड़ी, जिससे बैंकों के बाहर धक्का मुक्की और शोर-शराबा हुआ। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को लाठियां तक फटकारनी पड़ीं।
सहपऊ के सिंडिकेट बैंक पर तो भीड़ बेकाबू हो गई। बेकाबू भीड़ ने बैंक में अंदर घुसने की जल्दी में बैंक का मुख्य गेट ( चैनल) को ही उखाड़ दिया। यहां तैनात होमगार्ड भीड़ को काबू में नहीं कर सके। लोगों ने जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ।
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जलेसर रोड मानिकपुर के पंजाब नेशनल बैंक पर भी लोगों ने जमकर हंगामा काटा। गांव परसारा स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त पर कैश नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। गुस्साए ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर शहर स्थित बैंक की मुख्य ब्रांच पर आ गए।
यहां अधिकारियों से गांव के बैंक अधिकारियों की शिकायत की। आरोप लगाया कि बैंक वाले अपने परिचितों को ही कैश दे रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी करते हुए बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इन लोगों में मुख्य रूप से गांव प्रधानपति शिशुपाल सिंह, मान सिंह, सुरेश कुमार, रमेश सिंह, नाहर सिंह, मुंशीलाल, प्रेमपाल, मुन्ना आदि थे। शहर में मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर भी कतार में खडे़ लोगों में जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।
सासनी स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा पर भी जमकर हंगामा हुआ। बैंक के अंदर घुसने को लेकर लोगों ने गार्ड पर धकियाने का आरोप लगाते हुए जमकर शोर-शराबा किया। लोगों ने इस तरह का दुर्व्यवहार करने पर कार्रवाई की मांग की। सादाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक आदि के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। लोग पूरे दिन कैश को जूझते रहे।
वरिष्ठ भाजपा नेता रवेंद्र सिंह सेंगर के निर्देशन में ट्रस्ट मीडिया एंड एंटरटेंमेंट के बैनर तले क्षेत्र के गांव मीरपुर तथा महौ में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रमीणों को बिना रुपये के लेन-देन के बारे में जानकारी दी।
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने ग्रामीणों को बताया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिये योजनाएं चलाई हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी के कारण उन्हें सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बताया गया कि किस प्रकार डेबिट, क्रेडिट कार्ड और ईवॉलेट के माध्यम से बिना रुपये लिए-दिए खरीदारी की जा सकती है। शीघ्र ही आधार कार्ड आधरित मशीनें बाजार में आने वाली हैं, इनके प्रयोग के लिये किसानों को केवल अपना आधार कार्ड नंबर याद रखना है।
उसे वे हर जगह मशीन में डाल कर छोटी से छोटी खरीदारी कहीं भी कर सकते हैं। इस मौके पर देवाशीष, प्रमोद, अर्पित अग्रवाल, तुषार, अभिषेक प्रताप, हर्ष, अंशुल आदि मौजूद थे।
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रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुले बैंकों के बाहर दिन निकलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह दस बजे जब बैंक खुले तो उनमें अंदर घुसने के लिए भीड़ एकदम से टूट पड़ी, जिससे बैंकों के बाहर धक्का मुक्की और शोर-शराबा हुआ। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को लाठियां तक फटकारनी पड़ीं।
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सहपऊ के सिंडिकेट बैंक पर तो भीड़ बेकाबू हो गई। बेकाबू भीड़ ने बैंक में अंदर घुसने की जल्दी में बैंक का मुख्य गेट ( चैनल) को ही उखाड़ दिया। यहां तैनात होमगार्ड भीड़ को काबू में नहीं कर सके। लोगों ने जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ।
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जलेसर रोड मानिकपुर के पंजाब नेशनल बैंक पर भी लोगों ने जमकर हंगामा काटा। गांव परसारा स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त पर कैश नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। गुस्साए ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर शहर स्थित बैंक की मुख्य ब्रांच पर आ गए।
यहां अधिकारियों से गांव के बैंक अधिकारियों की शिकायत की। आरोप लगाया कि बैंक वाले अपने परिचितों को ही कैश दे रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा और नारेबाजी करते हुए बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इन लोगों में मुख्य रूप से गांव प्रधानपति शिशुपाल सिंह, मान सिंह, सुरेश कुमार, रमेश सिंह, नाहर सिंह, मुंशीलाल, प्रेमपाल, मुन्ना आदि थे। शहर में मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर भी कतार में खडे़ लोगों में जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।
सासनी स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा पर भी जमकर हंगामा हुआ। बैंक के अंदर घुसने को लेकर लोगों ने गार्ड पर धकियाने का आरोप लगाते हुए जमकर शोर-शराबा किया। लोगों ने इस तरह का दुर्व्यवहार करने पर कार्रवाई की मांग की। सादाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक आदि के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। लोग पूरे दिन कैश को जूझते रहे।
वरिष्ठ भाजपा नेता रवेंद्र सिंह सेंगर के निर्देशन में ट्रस्ट मीडिया एंड एंटरटेंमेंट के बैनर तले क्षेत्र के गांव मीरपुर तथा महौ में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रमीणों को बिना रुपये के लेन-देन के बारे में जानकारी दी।
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने ग्रामीणों को बताया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिये योजनाएं चलाई हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी के कारण उन्हें सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बताया गया कि किस प्रकार डेबिट, क्रेडिट कार्ड और ईवॉलेट के माध्यम से बिना रुपये लिए-दिए खरीदारी की जा सकती है। शीघ्र ही आधार कार्ड आधरित मशीनें बाजार में आने वाली हैं, इनके प्रयोग के लिये किसानों को केवल अपना आधार कार्ड नंबर याद रखना है।
उसे वे हर जगह मशीन में डाल कर छोटी से छोटी खरीदारी कहीं भी कर सकते हैं। इस मौके पर देवाशीष, प्रमोद, अर्पित अग्रवाल, तुषार, अभिषेक प्रताप, हर्ष, अंशुल आदि मौजूद थे।