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नकल के खेल के आगे विश्वविद्यालय लाचार
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:56 PM IST
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हाथरस। डॉ. बीआर अंबेडकर विवि द्वारा जिले में बनाए गए कई परीक्षा केंद्र नकल के अड्डे बन गए हैं। इन पर परीक्षार्थियों को जमकर नकल कराई जा रही है, लेकिन विवि के सचल दस्तों ने कार्रवाई तो क्या, अभी तक जिले में दस्तक भी नहीं दी है, जिससे नकल माफिया के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की कमी का बाहरी तत्व पूरा फायदा उठा रहे हैं और दबंगई के बल पर खुलकर नकल करा रहे हैं। कॉलेज वालों ने विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन से बाहरी तत्वों की मनमानी रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की मांग की है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कहीं बाहरी तत्वों और नकलचियों के आगे कॉलेज वाले लाचार हैं तो कहीं उनकी मिलीभगत से ही नकल का खेल चल रहा है।
इस बार विवि ने 62 प्राइवेट महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है। 28 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। खासकर देहात के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा की सुचिता हर रोज भंग हो रही है। न तो कॉलेज संचालकों को कोई भय है और न ही नकल माफिया को। इन परीक्षा केंद्रों पर मॉडल पेपर, फोटो कॉपी के सहारे और इमला बोल-बोलकर सामूहिक नकल कराई जा रही हैं। कहीं-कहीं तो एक ही कमरे में झुंड बनाकर परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। कहीं-कहीं तो परीक्षार्थियों को अपने साथ नकल करने की सामग्री की खुली छूट दे दी गई है। कई परीक्षा केंद्रों पर यह हाल है कि जिन परीक्षार्थियोें से वसूली हो चुकी है, उन्हें अलग कमरों में और जिन परीक्षार्थियों से वसूली नहीं हो पाई है, उन्हें अलग कमरे में बैठाया जा रहा है।
परीक्षा में नकल रोकने की कार्रवाई विश्वविद्यालय के सचल दलों द्वारा ही की जाती है। जल्द ही विवि के सचल दल छापामार कार्रवाई करेंगे। प्रशासन से भी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा इंतजाम कराने का अनुरोध किया गया है।
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-डॉ. केएन त्रिपाठी, नोडल केंद्र प्रभारी
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इस बार विवि ने 62 प्राइवेट महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है। 28 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। खासकर देहात के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा की सुचिता हर रोज भंग हो रही है। न तो कॉलेज संचालकों को कोई भय है और न ही नकल माफिया को। इन परीक्षा केंद्रों पर मॉडल पेपर, फोटो कॉपी के सहारे और इमला बोल-बोलकर सामूहिक नकल कराई जा रही हैं। कहीं-कहीं तो एक ही कमरे में झुंड बनाकर परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। कहीं-कहीं तो परीक्षार्थियों को अपने साथ नकल करने की सामग्री की खुली छूट दे दी गई है। कई परीक्षा केंद्रों पर यह हाल है कि जिन परीक्षार्थियोें से वसूली हो चुकी है, उन्हें अलग कमरों में और जिन परीक्षार्थियों से वसूली नहीं हो पाई है, उन्हें अलग कमरे में बैठाया जा रहा है।
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परीक्षा में नकल रोकने की कार्रवाई विश्वविद्यालय के सचल दलों द्वारा ही की जाती है। जल्द ही विवि के सचल दल छापामार कार्रवाई करेंगे। प्रशासन से भी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा इंतजाम कराने का अनुरोध किया गया है।
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-डॉ. केएन त्रिपाठी, नोडल केंद्र प्रभारी