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दो लोगों की डेंगू से मौत
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क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हाथरस के गांव लाढ़पुर में एक डेंटल सर्जन के पिता की डेंगू की चपेट में आकर मौत हो गई। अलीगढ़ के कस्बा इगलास में भी एक 10 वर्षीय बच्चे की इसी के चलते मौत हो गई। इस तरह अलीगढ़ में डेंगू से मरने वालों की संख्या अब सात हो गई है। हाथरस में भी अब तक बुखार के चलते 10 मौतें हो चुकी हैं।
हाथरस के जलेसर रोड पर स्थित गांव लाढ़पुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक उमेश चंद्र वार्ष्णेय (60) पुत्र हरीशंकर वार्ष्णेय की दिल्ली में इलाज के दौरान डेंगू से मौत हो गई। उमेशचंद्र वार्ष्णेय का लाढ़पुर में मेडिकल स्टोर है। उनके बेटे राहुल वार्ष्णेय हाथरस में डेंटल सर्जन हैं। पिछले कई दिनों से उमेश चंद्र की बुखार से तबियत बिगड़ी हुई थी। उनके परिजन पहले उन्हें अलीगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। उसके बाद उन्हें दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को उनके शव को जब लाढपुर लाया गया तो वहां मातम छाया रहा और क्षेत्र में दुकानें बंद रहीं।
दूसरी ओर कस्बा इगलास के मोहल्ला तकिया निवासी आस मोहम्मद के बेटे सुहेल को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा था। यहां एक प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराया जा रहा था। तीन दिन पहले डाक्टर ने बताया कि सुहेल को डेंगू बुखार है। इसे अलीगढ़ ले जाओ। सुहेल के परिवार वाले उसे एक रिश्तेदार के माध्यम से नोएडा के जिला चिकित्सालय में ले गए और वहां भर्ती कराया। यहां पर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि किसी भी तरह का बुखार होने पर मरीज को सरकारी अस्पताल में लाएं। यहां पर सारा उपचार उपलब्ध है और नि:शुल्क है। धीरे धीरे स्थिति नियंत्रण में आ रही है।
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हाथरस के जलेसर रोड पर स्थित गांव लाढ़पुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक उमेश चंद्र वार्ष्णेय (60) पुत्र हरीशंकर वार्ष्णेय की दिल्ली में इलाज के दौरान डेंगू से मौत हो गई। उमेशचंद्र वार्ष्णेय का लाढ़पुर में मेडिकल स्टोर है। उनके बेटे राहुल वार्ष्णेय हाथरस में डेंटल सर्जन हैं। पिछले कई दिनों से उमेश चंद्र की बुखार से तबियत बिगड़ी हुई थी। उनके परिजन पहले उन्हें अलीगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। उसके बाद उन्हें दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को उनके शव को जब लाढपुर लाया गया तो वहां मातम छाया रहा और क्षेत्र में दुकानें बंद रहीं।
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दूसरी ओर कस्बा इगलास के मोहल्ला तकिया निवासी आस मोहम्मद के बेटे सुहेल को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा था। यहां एक प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराया जा रहा था। तीन दिन पहले डाक्टर ने बताया कि सुहेल को डेंगू बुखार है। इसे अलीगढ़ ले जाओ। सुहेल के परिवार वाले उसे एक रिश्तेदार के माध्यम से नोएडा के जिला चिकित्सालय में ले गए और वहां भर्ती कराया। यहां पर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि किसी भी तरह का बुखार होने पर मरीज को सरकारी अस्पताल में लाएं। यहां पर सारा उपचार उपलब्ध है और नि:शुल्क है। धीरे धीरे स्थिति नियंत्रण में आ रही है।
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