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मरा बच्चा पैदा होने पर भी मांगे रुपये: दो नर्साें का तबादला, आशा कार्यकर्ता पर भी होगी कार्रवाई

Tue, 03 Dec 2024 02:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Updated Tue, 03 Dec 2024 02:23 AM IST
सार

सीएचसी मुरसान पर 28 नवंबर को उनकी बेटी को मृत बच्चा पैदा हुआ था। उन्होंने प्रसव से पहले पूजा की सभी जांच कराई थीं। उस समय जांच में सब ठीक बताया गया। प्रसव के दौरान नर्स ने धक्का लगाकर बच्चा को निकला। मृत बच्चा पैदा होने के बावजूद भी स्टाफ नर्स बार-बार घर वालों से खर्च के नाम पर रुपये मांग रही थी।

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Two nurses transferred, action will be taken against ASHA worker also
गांव अहरई में बयान दर्ज करती स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : विभाग

विस्तार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 28 नवंबर की दोपहर को एक गर्भवती महिला के मृत बच्चा पैदा होने के बावजूद पैसे लेने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने दो नर्साें का तबादला कर दिया है। आशा कार्यकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। 2 दिसंबर की दोपहर को विभागीय टीम ने गांव अहरई पहुंचकर मामले की जांच की।

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मुख्य चिकित्साधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री, डॉ. विकर्ण सिंह सहित तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। टीम ने 2 दिसंबर को गांव अहरई पहुंचकर शिकायतकर्ता महिला ओमवती और गांव की आशा कार्यकर्ता के बयान दर्ज किए। शिकायकर्ता ओमवती ने अधिकारियों को बताया कि उनकी बेटी पूजा की सुसराल इगलास के गांव साथिनी में है। वह गर्भवती होने कारण कुछ समय से मायके में ही रह रही है।
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सीएचसी मुरसान पर 28 नवंबर को उनकी बेटी को मृत बच्चा पैदा हुआ था। उन्होंने प्रसव से पहले पूजा की सभी जांच कराई थीं। उस समय जांच में सब ठीक बताया गया। प्रसव के दौरान नर्स ने धक्का लगाकर बच्चा को निकला। मृत बच्चा पैदा होने के बावजूद भी स्टाफ नर्स बार-बार घर वालों से खर्च के नाम पर रुपये मांग रही थी। अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों ने भी इसका विरोध किया, लेकिन स्टाफ नर्स रुपये लेने की जिद पर अड़ी रही रही। रुपये लेने के बाद ही परिवार को अस्पताल से जाने दिया था।

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ओमवती ने सोमवार को घर पहुंचे अधिकारियों को रोते हुए बताया कि वह अपनी बेटी के मृ़त बच्चा पैदा होने से काफी दुखी थीं, लेकिन नर्स ने उनकी एक बात भी नहीं सुनी और खर्च के नाम पर 950 रुपये ले लिए। वह रोती रहीं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने नर्स से कहा था कि अगर उनकी बेटी का बच्चा सही सलामत होता तो वह अपने मन से रुपये देतीं। गांव अहरई की आशा कार्यकर्ता महेंद्री ने बताया कि गर्भवती महिला के परिजनों से स्टाफ नर्स ने एक हजार रुपये की मांग की थी। तीन बार में स्टाफ नर्स को रुपये दिए गए और कुछ रुपये अन्य स्टाफ को भी दिए गए।

प्रसव के दौरान रुपये लेने के मामले में दो स्टाफ नर्स का तबादला कर दिया गया है। स्टाफ नर्स नीतू को महौ व स्टाफ नर्स दीपिका चौधरी को सहपऊ भेज दिया गया है। गांव की आशा को खुली बैठक कर निष्कासित किया जाएगा।-डॉ. मंजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.मंजीत सिंह ने जांच टीम बनाई है। हम लोगों ने परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं। अभी स्टाफ के लोगों के बयान भी दर्ज होने हैं। परिवार वाले अलग-अलग लोगों द्वारा रुपये लेने की बात बता रहे हैं। इसकी सत्यता जानी जा रही है।-डॉ. आरके अग्निहोत्री, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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