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Hathras News: जानलेवा हमले के प्रयास में दो भाइयों को सात साल कैद की सजा
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय ने जानलेवा के प्रयास में दो सगे भाइयों को सात साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि थाना मुरसान में गांव सौंगरा निवासी सुरेंद्र सिंह ने एक अक्टूबर 2015 को तहरीर दी थी, जिसमें कहा था कि 30 सितंबर 2015 को करीब सात बजे शाम वह गांव में दुकान के सामने अपने घेर में बैठा था। उसका भाई नगीना बकरियों का दूध निकाल रहा था। इसी समय शैलेंद्र पुत्र सोनवीर सिंह, नरेंद्र पुत्र सोनवीर सिंह अपने हाथों में कट्टे लेकर आए।
गालियां देकर कहने लगे कि उनकी दुकान के सामने बकरियां गंदगी करती हैं, इन्हें दूसरी जगह ले जाओ। इस पर भाई ने कहा कि वह तो अपनी बकरियों बांध कर रखता है, आप गाली क्यों दे रहे हैं। इसी बात पर दोनों भाइयों ने मेरे भाई को जान से करने के नीयत से तमंचों से फायर कर दिए। शैलेंद्र की गोली मेरे भाई नगीना के गले के पास लगी और अंदर धंस गई। अन्य गोलियां उसके शरीर के पास से होकर निकल गईं। वह अपने भाई नगीना को घायल अवस्था में लेकर बागला अस्पताल गया।
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वहां से भाई को एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस मामले में थाना मुरसान में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना अधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलेंद्र और नरेंद्र को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि थाना मुरसान में गांव सौंगरा निवासी सुरेंद्र सिंह ने एक अक्टूबर 2015 को तहरीर दी थी, जिसमें कहा था कि 30 सितंबर 2015 को करीब सात बजे शाम वह गांव में दुकान के सामने अपने घेर में बैठा था। उसका भाई नगीना बकरियों का दूध निकाल रहा था। इसी समय शैलेंद्र पुत्र सोनवीर सिंह, नरेंद्र पुत्र सोनवीर सिंह अपने हाथों में कट्टे लेकर आए।
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गालियां देकर कहने लगे कि उनकी दुकान के सामने बकरियां गंदगी करती हैं, इन्हें दूसरी जगह ले जाओ। इस पर भाई ने कहा कि वह तो अपनी बकरियों बांध कर रखता है, आप गाली क्यों दे रहे हैं। इसी बात पर दोनों भाइयों ने मेरे भाई को जान से करने के नीयत से तमंचों से फायर कर दिए। शैलेंद्र की गोली मेरे भाई नगीना के गले के पास लगी और अंदर धंस गई। अन्य गोलियां उसके शरीर के पास से होकर निकल गईं। वह अपने भाई नगीना को घायल अवस्था में लेकर बागला अस्पताल गया।
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वहां से भाई को एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस मामले में थाना मुरसान में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना अधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलेंद्र और नरेंद्र को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।