Train: वैष्णो देवी-कटरा मार्ग की ट्रेनों में जगह नहीं, हाथरस से जम्मू-कटरा की सीधी ट्रेन नहीं
रेलवे आरक्षण की स्थिति को देखें तो 15 अप्रैल के बाद ही कुछ ट्रेनों की चुनिंदा श्रेणियों जैसे थर्ड एसी या टू एसी में सीमित सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें भी कन्फर्म आरक्षण मिलना कठिन हो गया है। त्योहार, गर्मी की छुट्टियों और धार्मिक यात्राओं के कारण यह मार्ग विशेष रूप से व्यस्त बना हुआ है।
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मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते अप्रैल माह के लिए भी ट्रेनों में आरक्षण लगभग फुल हो चुके हैं। कटरा मार्ग की ट्रेनों में 60 दिन पूर्व खुलने वाली बुकिंग शुरू होते ही यात्री टिकट आरक्षित करा रहे हैं, जिससे प्रतीक्षा सूची तेजी से लंबी होती जा रही है।
हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर इन दिनों रोजाना यात्री जम्मू-कटरा मार्ग की ट्रेनों के लिए पूछताछ कर रहे हैं। कन्फर्म टिकट न मिलने के कारण कई यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। आरक्षण काउंटर पर सुबह से ही भीड़ देखी जा रही है, जबकि ऑनलाइन बुकिंग में भी अधिकांश सीटें वेटिंग में पहुंच चुकी हैं।
रेलवे आरक्षण की स्थिति को देखें तो 15 अप्रैल के बाद ही कुछ ट्रेनों की चुनिंदा श्रेणियों जैसे थर्ड एसी या टू एसी में सीमित सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें भी कन्फर्म आरक्षण मिलना कठिन हो गया है। त्योहार, गर्मी की छुट्टियों और धार्मिक यात्राओं के कारण यह मार्ग विशेष रूप से व्यस्त बना हुआ है।
हाथरस से जम्मू-कटरा की सीधी ट्रेन का अभाव
हाथरस से जम्मू के लिए सीधी कनेक्टिविटी के रूप में मुरी एक्सप्रेस ही एकमात्र ट्रेन उपलब्ध है। इसमें भी सीटें तेजी से भर चुकी हैं। इसके अलावा यात्री मथुरा जाकर वहां से गुजरने वाली ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं। इनमें मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, सर्वोदय एक्सप्रेस, स्वराज एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस तथा जबलपुर एक्सप्रेस शामिल हैं, जिनसे यात्री जम्मू या कटरा की ओर यात्रा करते हैं।
अन्य श्रेणियों में सीटें तलाश रहे यात्रीयात्रियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण तत्काल कोटे में भी टिकट मिलना मुश्किल हो जाएगा। यात्री योगेश भारद्वाज का कहना है कि अब वह वैकल्पिक तिथियों या अन्य श्रेणियों में सीट तलाश रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित कुमार का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध कोटा के अनुसार आरक्षण किया जा रहा है और अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाता है। फिलहाल श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना समय से पहले बनाकर टिकट आरक्षित कराने की सलाह दी जा रही है।