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सिंगी समुदाय के छह लोगों के अलावा तीन अन्य की जिंदगी भी लील गई शराब
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
प्रशासन और आबकारी विभाग भले ही तमाम दावे करे और जांच रिपोर्ट का हवाला दे, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह जिला भी अवैध शराब का बड़ा अड्डा बन गया है। इसकी वजह यह है कि पिछले चार दिन के अंदर शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई है।
नगला सिंगी और नगला प्रहलाद में मृतकों के परिजन तो सीधे-सीधे चुनावी रंजिश के चलते कुछ लोगों पर जहरीली शराब पिलाने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन साथ ही तीन और लोगों की शराब पीने से हुई मौत से भी इस बात की आशंका है कि इन गांवों और आसपास के गांवों में ऐसी शराब लोगों ने खरीद कर पी, जोकि मिलावटी अथवा जहरीली थी। इससे कई लोगों की हालत भी बिगड़ी है।
नगला सिंगी और नगला प्रहलाद में छह लोगों की मौत शराब पीने से हुई। आखिर इस शराब में क्या था, जिससे इन लोगों की मौत हो गई और सात लोगों की हालत बिगड़ गई। कथित तौर पर जहरीली बताई जा रही इस शराब ने इस गांव में ही नहीं, बल्कि कई और गांव के लोगों की भी जान ले ली। इससे पहले निकट के गांव नगला गजुआ में भी दो तहेरे भाई की शराब पीने से मौत हुई।
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अब बुधवार की रात्रि में मुरसान क्षेत्र के एक व्यक्ति की भी मौत हुई तो उसकी मौत के पीछे भी यही बात सामने आई कि उसकी मौत भी शराब पीने से ही हुई है। वह भी इन गांवों के पास के ही एक गांव में कई दिन से रुका हुआ था और उसने अपने रिश्तेदारों के साथ शराब का सेवन किया था।
उसके रिश्तेदारों की हालत भी शराब के सेवन के चलते बिगड़ गई। सिंगी समुदाय के छह लोगों की शराब के सेवन से हुई मौत के बाद प्रशासन चेता और आनन-फानन आरोपी को गिरफ्तार कर उससे बरामद शराब के क्वार्टरों के बारे में छानबीन कराई।
हालांकि आबकारी विभाग का दावा है कि नमूने जांच में पास हो गए हैं और इन क्वार्टरों में मिलावटी शराब नहीं थी, लेकिन जिस तरह से नौ लोगों की शराब पीने के बाद मौत हुई है और दर्जन भर लोगों की हालत बिगड़ी है, उसे देखते हुए इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि जिले में मिलावटी शराब का कारोबार जोर-शोर से बढ़ रहा है। माफिया पूरे नेटवर्क के साथ यह धंधा चला रहे हैं।
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प्रशासन और आबकारी विभाग भले ही तमाम दावे करे और जांच रिपोर्ट का हवाला दे, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह जिला भी अवैध शराब का बड़ा अड्डा बन गया है। इसकी वजह यह है कि पिछले चार दिन के अंदर शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई है।
नगला सिंगी और नगला प्रहलाद में मृतकों के परिजन तो सीधे-सीधे चुनावी रंजिश के चलते कुछ लोगों पर जहरीली शराब पिलाने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन साथ ही तीन और लोगों की शराब पीने से हुई मौत से भी इस बात की आशंका है कि इन गांवों और आसपास के गांवों में ऐसी शराब लोगों ने खरीद कर पी, जोकि मिलावटी अथवा जहरीली थी। इससे कई लोगों की हालत भी बिगड़ी है।
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नगला सिंगी और नगला प्रहलाद में छह लोगों की मौत शराब पीने से हुई। आखिर इस शराब में क्या था, जिससे इन लोगों की मौत हो गई और सात लोगों की हालत बिगड़ गई। कथित तौर पर जहरीली बताई जा रही इस शराब ने इस गांव में ही नहीं, बल्कि कई और गांव के लोगों की भी जान ले ली। इससे पहले निकट के गांव नगला गजुआ में भी दो तहेरे भाई की शराब पीने से मौत हुई।
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अब बुधवार की रात्रि में मुरसान क्षेत्र के एक व्यक्ति की भी मौत हुई तो उसकी मौत के पीछे भी यही बात सामने आई कि उसकी मौत भी शराब पीने से ही हुई है। वह भी इन गांवों के पास के ही एक गांव में कई दिन से रुका हुआ था और उसने अपने रिश्तेदारों के साथ शराब का सेवन किया था।
उसके रिश्तेदारों की हालत भी शराब के सेवन के चलते बिगड़ गई। सिंगी समुदाय के छह लोगों की शराब के सेवन से हुई मौत के बाद प्रशासन चेता और आनन-फानन आरोपी को गिरफ्तार कर उससे बरामद शराब के क्वार्टरों के बारे में छानबीन कराई।
हालांकि आबकारी विभाग का दावा है कि नमूने जांच में पास हो गए हैं और इन क्वार्टरों में मिलावटी शराब नहीं थी, लेकिन जिस तरह से नौ लोगों की शराब पीने के बाद मौत हुई है और दर्जन भर लोगों की हालत बिगड़ी है, उसे देखते हुए इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि जिले में मिलावटी शराब का कारोबार जोर-शोर से बढ़ रहा है। माफिया पूरे नेटवर्क के साथ यह धंधा चला रहे हैं।