{"_id":"5fb56f378ebc3e9bed14c14d","slug":"this-year-only-13-days-sahalag-hathras-news-ali249025625","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस साल सिर्फ 13 दिन सहालग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस साल सिर्फ 13 दिन सहालग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
देवशयनी एकादशी एक जुलाई से शयन कर रहे देवता 25 नवंबर को जागने जा रहे हैं। इसी के साथ सहालग शुरू हो जाएंगे। सड़कों पर बैंड बाजा बारात की रौनक दिखाई देगी। 25 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ सहालग शुरू होंगी, जो कि 13 दिसंबर तक जारी रहेंगी।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 25 नवंबर की सुबह चार बजकर 21 मिनट पर एकादशी शुरू हो जाएगी जो 26 की सुबह छह बजकर चार मिनट तक रहेगी। देवोत्थान एकादाशी का पूजन 25 नवंबर को किया जाएगा। जबकि शास्त्रों के अनुसार दशमीबोधी एकादशी का त्याग करते हुए एकादशी का व्रत 26 नवंबर को करना उत्तम रहेगा। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा।
उससे पहले 13 को मासांत दोष शुरू हो जाएगा। खरमास में शादी विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित हैं। मकर संक्रांति से खरमास समाप्त होगा, लेकिन उसके बाद 16 जनवरी को गुरु अस्त, फिर फरवरी में शुक्र अस्त और उसके बाद सूर्य के मीन राशि में जाने पर खरमास के चलते शादी व्याह की लग्नों के लिए अप्रैल 2021 के दूसरे पखवाड़े तक इंतजार करना होगा। नवंबर में 25, 26, 29 व 30 को सहालग है। वहीं, दिसंबर में एक, दो, छह, सात, आठ, नौ, 10, 11, व 13 दिसंबर को सहालग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवशयनी एकादशी एक जुलाई से शयन कर रहे देवता 25 नवंबर को जागने जा रहे हैं। इसी के साथ सहालग शुरू हो जाएंगे। सड़कों पर बैंड बाजा बारात की रौनक दिखाई देगी। 25 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ सहालग शुरू होंगी, जो कि 13 दिसंबर तक जारी रहेंगी।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 25 नवंबर की सुबह चार बजकर 21 मिनट पर एकादशी शुरू हो जाएगी जो 26 की सुबह छह बजकर चार मिनट तक रहेगी। देवोत्थान एकादाशी का पूजन 25 नवंबर को किया जाएगा। जबकि शास्त्रों के अनुसार दशमीबोधी एकादशी का त्याग करते हुए एकादशी का व्रत 26 नवंबर को करना उत्तम रहेगा। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
उससे पहले 13 को मासांत दोष शुरू हो जाएगा। खरमास में शादी विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित हैं। मकर संक्रांति से खरमास समाप्त होगा, लेकिन उसके बाद 16 जनवरी को गुरु अस्त, फिर फरवरी में शुक्र अस्त और उसके बाद सूर्य के मीन राशि में जाने पर खरमास के चलते शादी व्याह की लग्नों के लिए अप्रैल 2021 के दूसरे पखवाड़े तक इंतजार करना होगा। नवंबर में 25, 26, 29 व 30 को सहालग है। वहीं, दिसंबर में एक, दो, छह, सात, आठ, नौ, 10, 11, व 13 दिसंबर को सहालग हैं।
विज्ञापन