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Hathras News: सोचो, नारी न होगी तो नर कहां से आएंगे...

Mon, 03 Apr 2023 01:26 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Mon, 03 Apr 2023 01:26 AM IST
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Think, if there are no women then where will the men come from...
सामाजिक साहित्यिक संस्था साहित्यानंद की ओर से रविवार को केसीजी एकेडमी स्कूल में बेटियों के सम्मान में कवियों की शाम बेटियों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया।कवियों ने बेटियों और नारी सम्मान में कविता पाठ करके समां बांध दिया।
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अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष योगेश त्रिवेदी की अध्यक्षता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुरारी लाल मधुर ने किया। कवि अशोक मिश्रा ने सुनाया- सोचो, नारी न होगी तो नर कहां से आएंगे, होती रही भ्रूण हत्या तो वंश नहीं चल पाएंगे। कवि भगवान दास ने सुनाया- करती है कल्याण जगत का जग जननी लक्ष्मी बनकर, जीवन के सुख देती है मां बेटी बहन पत्नी बन कर।
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वीरेंद्र जैन नारद ने कहा- जिंदगी की सबसे बड़ी दौलत है औरत, जिसके कारण मिलती है हर आदमी को शोहरत। इसके बाद डॉ. प्रभात ने सुनाया- इस आंगन की तुलसी उस घर का चंदन है, बेटों से कहीं ज्यादा बेटी का वंदन है। रविकांत कुशवाह ने सुनाया- जब तक शम्मेवफा जलेगी खुश होगा ये परवाना। इस मौके पर रामनिवास उपाध्याय, मुरारी लाल शर्मा, मधुर जयंती पाठक, अखिल प्रकाश शर्मा, रविराज सिंह आदि ने भी काव्य पाठ किया।
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