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Hathras News: दिन भर व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटे रहे, शाम को फिर बिगड़ा मौसम

Sat, 30 May 2026 01:22 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 30 May 2026 01:22 AM IST
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They spent the entire day working to improve arrangements, but the weather took a turn for the worse again in the evening.
कोटा विद्युत उपकेंद्र के एक गांव में गिरा खंभा। स्रोत : विद्युत निगम - फोटो : Department
जिले में बृहस्पतिवार की शाम को आई तेज आंधी और बारिश से लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था पटरी पर भी नहीं लौटी थी कि शुक्रवार की शाम करीब सात बजे फिर तेज आंधी और बारिश ने तगड़ा झटका दे दिया। शुक्रवार को दिन भर धराशायी खंभे, विद्युत लाइनों और मशीनों को दुरुस्त करने में जुटीं टीमों की मेहनत पर पानी फिर गया।
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शुक्रवार की आंधी-बारिश से कितना नुकसान हुआ, इसका पता तो शनिवार को सुबह ही लग पाएगा, लेकिन बृहस्पतिवार को आई तेज आंधी से न केवल कई स्थानों पर पेड़ व होर्डिंग्स गिर गए, बल्कि 125 बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए, जिससे नगरीय व ग्रामीण इलाकों की बिजली पूरी रात ठप रही।
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-बिसावर क्षेत्र में 33 केवी की लाइन में ब्रेकडाउन होने और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से करीब 24 घंटे तक क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। बिजली न आने से पेयजल संकट भी गहरा गया। गांव मीरपुर में आश्रम के निकट एक खोखे पर पेड़ गिर गया। गांव मोनिया में नीम का पेड़ मकान पर गिर गया, जबकि गांव पल्हावत में सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय तक मार्ग बाधित रहा। अवर अभियंता मनीष कुमार के अनुसार क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का कार्य लगातार जारी है।
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-चंदपा के बामौली बिजलीघर क्षेत्र में गांव अर्जुनपुर और पदू के ट्रांसफॉर्मर तेज आंधी के दौरान फुंक गए। इस कारण चंदपा और बामौली बिजलीघर से जुड़े गांवों की बिजली ठप हो गई। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे से गुल हुई बिजली शुक्रवार सुबह तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी।-

-सहपऊ सहित 180 गांवों की बत्ती गुल

सहपऊ में बृहस्पतिवार देर शाम आई तेज आंधी से सहपऊ क्षेत्र के करीब 180 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। कस्बा सहपऊ में करीब 22 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर बिजली बहाल हो सकी, जबकि कई गांवों में देर शाम तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी थी। अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी में 16 बिजली पोल टूट गए और पांच ट्रांसफार्मर फुंक गए। मढ़ाका समेत कई फीडरों की आपूर्ति बहाल करने का कार्य जारी रहा।

-सासनी में बिजली गिरने से 40 गांवों की आपूर्ति ठप

सासनी में बृहस्पतिवार रात आई आंधी और बिजली गिरने से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। गांव नया नगला में एक मकान पर बिजली गिरने से दीवारों में दरार आ गई। कौमरी बिजलीघर की इनकमिंग की मशीन फुंकने से करीब 40 गांवों की बिजली 24 घंटे तक बाधित रही। अधिशासी अभियंता अविनाश तिवारी ने बताया कि सासनी व सिकंदराराऊ क्षेत्र में करीब 45 खंभे टूट गए हैं। इन इलाकों में आपूर्ति बहाल करने का कार्य जारी है।

-मुरसान के 15 गांवों में बाधित रही बिजली

मुरसान में तेज आंधी के चलते क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों की बिजली बाधित रही। कई स्थानों पर पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गए। इस कारण बिजली के खंभे टूट गए। दयालपुर, कंचना, जटोई, गुबरारी, बंका और नवीपुर समेत कई गांवों में रातभर बिजली गुल रही। अवर अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि टूटे खंभे वाले स्थानों पर कार्य जारी है।



आंधी बारिश के कारण काफी दिक्कत रही है। शुक्रवार शाम तक सिर्फ कोटा फीडर को छोड़कर सभी जगह आपूर्ति सुचारू करा दी गई है। आधिकांश जगह नलकूपों की लाइन के खंभे गिरे, जिन्हें सही कराया जा रहा है।
-अजीत कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत


अगले पांच दिनों तक जिले में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट
हाथरस। मौसम ने शुक्रवार की शाम को फिर करवट बदली। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों तक जिले में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है

शुक्रवार सुबह तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। दोपहर तक गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किए रखा, लेकिन शाम करीब छह बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाएं चलने लगीं और बिजली चमकने के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम बदलते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाएं करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली। आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वयक लेखराज के अनुसार शनिवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना है।

इधर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में 30 मई से दो जून के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इस दौरान स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि होगी।

अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जो सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। हवा के झोंकों की गति सामान्य से 7-8 किलोमीटर प्रति घंटा अधिक हो सकती है। कृषि विभाग ने सलाह दी है कि वर्तमान में मक्का में दाना भरने और उड़द-मूंग में फली बनने की अवस्था है, जो नमी के प्रति बेहद संवेदनशील है। यदि बारिश न हो, तभी आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। मक्का में तना बेधक और उड़द में फली बेधक कीट की रोकथाम के लिए आसमान साफ होने पर इमामेक्टिन बेंजोएट या डाइमेथोएट का छिड़काव करें।
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