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अग्नि सुरक्षा इंतजामों की फिर खुली पोल
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:14 AM IST
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हाथरस। सादाबाद में हुए भीषण अग्निकांडों ने जिले के बाजारों और व्यवसायिक इलाकों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी है। यह भी जता दिया है कि अग्निशमन विभाग ही नहीं, बल्कि खुद इन इलाकों में रहने और कारोबार करने वाले भी अगिभनकांडों के खतरे से पूरी तरह बेपरवाह रहते हैं। तभी बार-बार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो जाती है।
यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का असर यहां क्यों नहीं दिखाई पड़ता। या तो विभाग इन कारोबारियों को सही से जगा नहीं पा रहा या फिर कारोबारी खुद ही जागना नहीं चाहते। देखा जाए तो पिछले दो-तीन महीने में जिले में जितने भी बड़े अग्निकांड हुए हैं, उन सभी की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट होना ही रही है। सवाल यह भी है कि शॉर्ट सर्किट के इस खतरे को कम करने के उपाय क्यों नहीं किए जाते। क्यों लोग इसमें कोताही बरत रहे हैं और क्यों अग्निशमन विभाग इस कमी की तरफ इनका ध्यान नहीं खींच पा रहा। किसी के पास इस स्थिति से निपटने की कोई ठोस योजना नहीं है। अक्सर ऐसे अग्निकांड खराब वायरिंग और जर्जर इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम के कारण होते हैं। जानते हुए भी लोग इन्हें बदलवाने के प्रति कोई ध्यान नहीं देते। विभाग की मानें तो अगर पर्याप्त एहतियात बरती जाए तो इस तरह के अगिभनकांडों को रोका जा सकता है।
अब बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम
सादाबाद की घटना के बाद अब विभाग ने अग्निशमन जागरूकता सप्ताह का पूरा फोकस स्कूल-कॉलेजों से ज्यादा बाजारों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर रखने का निर्णय लिया है। अगले कुछ दिनों तक विभाग न केवल इन इलाकों में जागरूकता अभियान चलाएगा, बल्कि फायर डिमोस्टेशन भी करेगा। लोगों को यह समझाया कि आग किन-किन हालातों में लग सकती है और उसे कैसे रोका जा सकता है। अग्निकांड के खतरे को कम करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
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अग्निकांड रोकने को ये करें उपाय
-खासकर फैक्ट्रियों और दुकानों पर पर्याप्त पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होने चाहिए।
-दुकानों में लगी वायरिंग और उपकरणों की रेगुलर चेकिंग कराएं।
-ज्यादा पुरानी वायरिंग को इस्तेमाल करने से बचें और उसे तुरंत बदलवाएं।
-इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम को समय-समय पर अपडेट कराते रहें।
-फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो।
अग्निकांडों को रोकना बिना जनसहयोग के संभव नहीं हैं। जब तक लोग अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे और एहतियात नहीं बरतेंगे, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है। अग्निशमन जागरूकता सप्ताह में हम यही बात लोगों को समझा रहे हैं।
-कुंवर सिंह, अग्निशमन अधिकारी हाथरस
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यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का असर यहां क्यों नहीं दिखाई पड़ता। या तो विभाग इन कारोबारियों को सही से जगा नहीं पा रहा या फिर कारोबारी खुद ही जागना नहीं चाहते। देखा जाए तो पिछले दो-तीन महीने में जिले में जितने भी बड़े अग्निकांड हुए हैं, उन सभी की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट होना ही रही है। सवाल यह भी है कि शॉर्ट सर्किट के इस खतरे को कम करने के उपाय क्यों नहीं किए जाते। क्यों लोग इसमें कोताही बरत रहे हैं और क्यों अग्निशमन विभाग इस कमी की तरफ इनका ध्यान नहीं खींच पा रहा। किसी के पास इस स्थिति से निपटने की कोई ठोस योजना नहीं है। अक्सर ऐसे अग्निकांड खराब वायरिंग और जर्जर इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम के कारण होते हैं। जानते हुए भी लोग इन्हें बदलवाने के प्रति कोई ध्यान नहीं देते। विभाग की मानें तो अगर पर्याप्त एहतियात बरती जाए तो इस तरह के अगिभनकांडों को रोका जा सकता है।
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अब बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम
सादाबाद की घटना के बाद अब विभाग ने अग्निशमन जागरूकता सप्ताह का पूरा फोकस स्कूल-कॉलेजों से ज्यादा बाजारों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर रखने का निर्णय लिया है। अगले कुछ दिनों तक विभाग न केवल इन इलाकों में जागरूकता अभियान चलाएगा, बल्कि फायर डिमोस्टेशन भी करेगा। लोगों को यह समझाया कि आग किन-किन हालातों में लग सकती है और उसे कैसे रोका जा सकता है। अग्निकांड के खतरे को कम करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
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अग्निकांड रोकने को ये करें उपाय
-खासकर फैक्ट्रियों और दुकानों पर पर्याप्त पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होने चाहिए।
-दुकानों में लगी वायरिंग और उपकरणों की रेगुलर चेकिंग कराएं।
-ज्यादा पुरानी वायरिंग को इस्तेमाल करने से बचें और उसे तुरंत बदलवाएं।
-इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम को समय-समय पर अपडेट कराते रहें।
-फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो।
अग्निकांडों को रोकना बिना जनसहयोग के संभव नहीं हैं। जब तक लोग अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे और एहतियात नहीं बरतेंगे, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है। अग्निशमन जागरूकता सप्ताह में हम यही बात लोगों को समझा रहे हैं।
-कुंवर सिंह, अग्निशमन अधिकारी हाथरस