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Hathras News: सीएम से बोलीं सैन्यकर्मी की पत्नी, हत्यारोपियों का हो एनकाउंटर
Thu, 12 Feb 2026 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 12 Feb 2026 02:06 AM IST
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सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट सैन्यकर्मी की पत्नी निधि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग की है। उनका आरोप है कि सादाबाद पुलिस की लापरवाही से यह हत्या हुई है। योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या में केवल हत्यारोपी ही नहीं, उनके घर वाले मवेशी सहित आसानी ने फरार हो गए।
परिवार के सीएम से मिलने के बाद अधिकारियों को सादाबाद एसओ, दारोगा व बीट सिपाही की लापरवाही नजर आई। घटना के पांच दिन बाद इन्हें केवल पुलिस लाइन में भेजा गया और विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की गई।
सैन्यकर्मी अखिलेश की पत्नी सोमवार को परिवार के साथ लखनऊ पहुंचीं। यहां सीएम कार्यालय पर जनता दरबार में बेटे रुद्र के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। सीएम ने उनकी पूरी बात सुनी और प्रकरण में तत्काल कार्रवाई के लिए कहा। निधि ने पूरे घटनाक्रम से सीएम को अवगत कराया।
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यह भी बताया कि उन्हें किसी तरह लगातार धमकियां मिल रही थीं। निधि ने मांग की कि जिस तरह दिनदहाड़े उनके पति की हत्या हुई, उसी तरह आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। निधि के साथ लखनऊ उनके ससुर देवेंद्र सिंह, ननद डौली व अन्य लोग पहुंच थे। सीएम ने पूरी घटना का संज्ञान लेकर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पति को फोन पर उकसा रहे थे हमलावर
निधि ने बताया कि रंजिश के कारण पति गांव नहीं आते थे। इसके बाद भी उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। सैन्यकर्मी होने के बावजूद पुलिस उन्हें परेशान करती रही। घटना से एक सप्ताह पहले भी उनके पति के खिलाफ झूठी शिकायत की गई। निधि का कहना है कि उनके पति को हत्यारोपी रोजाना फोन कर उकसाते थे और गांव में बुलाने के लिए ललकारते थे। इन बातों की कॉल रिकॉर्डिंग व पुरानी घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है, पर पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि फरार हमलावरों से अभी भी परिवार को जान का खतरा है।
कठघरे में सादाबाद पुलिस की भूमिका
इस हत्याकांड में सादाबाद पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। मुकदमे की वादी बहन डौली ने बताया कि आरोपी लगातार परिवार को धमका रहे थे। एक साल पहले घर में घुसकर धमकाया। इसके बाद झूठे मुकदमों में फंसाया, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस के साथ इन लोगों का उठना-बैठना था, इसी वजह से पूरे गैंग के हौंसले बुलंद थे। डौली ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है।
हत्यारोपियों के घरों पर लटके ताले
घटना के बाद से हत्यारोपियों के घरों पर ताले लगे हुए हैं। हैरानी की बात है कि कि घटना के बाद आरोपी आसानी भाग निकले और अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी योजना बना चुके थे, इसलिए पूरा परिवार पहले ही गांव से भाग गया था। यहां तक कि उनके मवेशी भी नहीं हैं।
आरोपियोंं के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। इनाम भी घोषित किया गया है। सर्विलांस व स्वाट टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अमित पाठक, सीओ सादाबाद
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परिवार के सीएम से मिलने के बाद अधिकारियों को सादाबाद एसओ, दारोगा व बीट सिपाही की लापरवाही नजर आई। घटना के पांच दिन बाद इन्हें केवल पुलिस लाइन में भेजा गया और विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की गई।
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सैन्यकर्मी अखिलेश की पत्नी सोमवार को परिवार के साथ लखनऊ पहुंचीं। यहां सीएम कार्यालय पर जनता दरबार में बेटे रुद्र के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। सीएम ने उनकी पूरी बात सुनी और प्रकरण में तत्काल कार्रवाई के लिए कहा। निधि ने पूरे घटनाक्रम से सीएम को अवगत कराया।
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यह भी बताया कि उन्हें किसी तरह लगातार धमकियां मिल रही थीं। निधि ने मांग की कि जिस तरह दिनदहाड़े उनके पति की हत्या हुई, उसी तरह आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। निधि के साथ लखनऊ उनके ससुर देवेंद्र सिंह, ननद डौली व अन्य लोग पहुंच थे। सीएम ने पूरी घटना का संज्ञान लेकर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पति को फोन पर उकसा रहे थे हमलावर
निधि ने बताया कि रंजिश के कारण पति गांव नहीं आते थे। इसके बाद भी उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। सैन्यकर्मी होने के बावजूद पुलिस उन्हें परेशान करती रही। घटना से एक सप्ताह पहले भी उनके पति के खिलाफ झूठी शिकायत की गई। निधि का कहना है कि उनके पति को हत्यारोपी रोजाना फोन कर उकसाते थे और गांव में बुलाने के लिए ललकारते थे। इन बातों की कॉल रिकॉर्डिंग व पुरानी घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है, पर पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि फरार हमलावरों से अभी भी परिवार को जान का खतरा है।
कठघरे में सादाबाद पुलिस की भूमिका
इस हत्याकांड में सादाबाद पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। मुकदमे की वादी बहन डौली ने बताया कि आरोपी लगातार परिवार को धमका रहे थे। एक साल पहले घर में घुसकर धमकाया। इसके बाद झूठे मुकदमों में फंसाया, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस के साथ इन लोगों का उठना-बैठना था, इसी वजह से पूरे गैंग के हौंसले बुलंद थे। डौली ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है।
हत्यारोपियों के घरों पर लटके ताले
घटना के बाद से हत्यारोपियों के घरों पर ताले लगे हुए हैं। हैरानी की बात है कि कि घटना के बाद आरोपी आसानी भाग निकले और अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी योजना बना चुके थे, इसलिए पूरा परिवार पहले ही गांव से भाग गया था। यहां तक कि उनके मवेशी भी नहीं हैं।
आरोपियोंं के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। इनाम भी घोषित किया गया है। सर्विलांस व स्वाट टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अमित पाठक, सीओ सादाबाद