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Hathras News: हाथरस के नन्हे वैज्ञानिक ने बंगलुरू तक फहराया परचम
Sun, 05 Apr 2026 01:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:57 AM IST
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मनीष का फार्मिंग मॉडल। संवाद
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सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाले गंगचौली गांव के कक्षा 8 के छात्र मनीष ने अपनी प्रतिभा से जिले का नाम रोशन किया है। पीएम श्री संविलयन विद्यालय, गंगचौली के इस छात्र ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत जनपद स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है।
मनीष का आधुनिक कृषि एवं सिंचाई प्रणाली पर आधारित वर्किंग मॉडल खासा चर्चा में है। यह मॉडल खेती की मौजूदा चुनौतियों का तकनीकी समाधान प्रस्तुत करता है और भविष्य की स्मार्ट खेती की झलक दिखाता है। मनीष ने बताया कि उन्हें किसानों की समस्याओं को देखकर यह मॉडल बनाने की प्रेरणा मिली। उनकी इस उपलब्धि के पीछे शिक्षक सुशील कुमार और इशांक वार्ष्णेय का मार्गदर्शन रहा।
इस सफलता के बाद मनीष का चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से तीन दिवसीय एक्सपोजर विजिट के लिए हुआ। मार्च के अंतिम सप्ताह में उन्होंने हवाई यात्रा कर बेंगलुरु पहुंचकर जवाहरलाल नेहरू तारामंडल का भ्रमण किया, जहां उन्होंने आधुनिक विज्ञान के नए आयामों को समझा।
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क्या है स्मार्ट फार्मिंग मॉडल
. वर्टिकल गार्डनिंग: कम जगह में अधिक पैदावार
. टपक सिंचाई: बूंद-बूंद पानी से सिंचाई, पानी की बचत
. हाइड्रोपोनिक सिस्टम: बिना मिट्टी के खेती
. स्वचालित सिंचाई: नमी के अनुसार मोटर ऑन-ऑफ
. स्मार्ट फेंसिंग: जानवरों से फसल की सुरक्षा
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मेहनत लाई रंग: गांव से हवाई सफर तक
मनीष का प्रोजेक्ट जनपद में सर्वश्रेष्ठ चुना गया, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु जाने का मौका मिला। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
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मनीष का आधुनिक कृषि एवं सिंचाई प्रणाली पर आधारित वर्किंग मॉडल खासा चर्चा में है। यह मॉडल खेती की मौजूदा चुनौतियों का तकनीकी समाधान प्रस्तुत करता है और भविष्य की स्मार्ट खेती की झलक दिखाता है। मनीष ने बताया कि उन्हें किसानों की समस्याओं को देखकर यह मॉडल बनाने की प्रेरणा मिली। उनकी इस उपलब्धि के पीछे शिक्षक सुशील कुमार और इशांक वार्ष्णेय का मार्गदर्शन रहा।
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इस सफलता के बाद मनीष का चयन उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से तीन दिवसीय एक्सपोजर विजिट के लिए हुआ। मार्च के अंतिम सप्ताह में उन्होंने हवाई यात्रा कर बेंगलुरु पहुंचकर जवाहरलाल नेहरू तारामंडल का भ्रमण किया, जहां उन्होंने आधुनिक विज्ञान के नए आयामों को समझा।
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क्या है स्मार्ट फार्मिंग मॉडल
. वर्टिकल गार्डनिंग: कम जगह में अधिक पैदावार
. टपक सिंचाई: बूंद-बूंद पानी से सिंचाई, पानी की बचत
. हाइड्रोपोनिक सिस्टम: बिना मिट्टी के खेती
. स्वचालित सिंचाई: नमी के अनुसार मोटर ऑन-ऑफ
. स्मार्ट फेंसिंग: जानवरों से फसल की सुरक्षा
मेहनत लाई रंग: गांव से हवाई सफर तक
मनीष का प्रोजेक्ट जनपद में सर्वश्रेष्ठ चुना गया, जिसके बाद उन्हें बेंगलुरु जाने का मौका मिला। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।