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Hathras News: 16.80 लाख से होगा एफएसटीपी प्लांट का संचालन
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : Archive
शहर के पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिका परिषद हाथरस ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर के जलेसर रोड स्थित 32 केएलडी क्षमता वाले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के जरिये शौचालय व सेप्टिक टैंक से निकलने वाले कचरे को वैज्ञानिक विधि से निस्तारित किया जाएगा। इसके लिए पालिका 16.80 लाख रुपये खर्च करेगी।
बीमारियों से बचाव व जल प्रदूषण रोकने में एफएसटीपी अहम भूमिका निभाएगा। अनुपचारित मल को खुले में फेंकने से भूजल और नदियां भी प्रदूषित होती हैं। शहर के जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं, वहां से कचरा एकत्रित किया जाता है। घरों व सार्वजनिक शौचालयों के सेप्टिक टैंक भर जाने पर वैक्यूम टैंकरों से खाली किया जाता है।
अब इस कचरे को गंदे नालों में फेंकने की अपेक्षा जलेसर रोड स्थित एफएसटीपी ले जाया जाएगा, जहां मशीनों के जरिये कचरा और गंदगी को निस्तारित किया जाएगा। प्लांट के संचालन में हर महीने 1.40 लाख रुपये का खर्च आएगा। वित्तीय वर्ष में लगभग 16.80 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है। यह धनराशि राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त होने वाले अनुदान से वहन की जाएगी।
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अत्याधुनिक मशीनों से होगा कचरे का शोधन
इस प्लांट में कचरे को साफ करने के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। डी-वाटरिंग मशीन और फीकल स्लज कलेक्शन टैंक, लिक्विड सीवेज कलेक्शन टैंक, क्लोरिनेशन टैंक, मल्टीग्रेड सैंड फिल्टर, एक्टीवेटेड कार्बन फिल्टर के जरिये कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। कीटाणुशोधन के बाद सूखे कचरे को जैविक खाद तथा पानी को सिंचाई व निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा सकेगा।
शहर के सतत विकास व स्वच्छ पर्यावरण के लिए एफएसटीपी का संचालन किया जा रहा है। जल्द ही इसका काम शुरू होगा।
रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस।
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बीमारियों से बचाव व जल प्रदूषण रोकने में एफएसटीपी अहम भूमिका निभाएगा। अनुपचारित मल को खुले में फेंकने से भूजल और नदियां भी प्रदूषित होती हैं। शहर के जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं, वहां से कचरा एकत्रित किया जाता है। घरों व सार्वजनिक शौचालयों के सेप्टिक टैंक भर जाने पर वैक्यूम टैंकरों से खाली किया जाता है।
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अब इस कचरे को गंदे नालों में फेंकने की अपेक्षा जलेसर रोड स्थित एफएसटीपी ले जाया जाएगा, जहां मशीनों के जरिये कचरा और गंदगी को निस्तारित किया जाएगा। प्लांट के संचालन में हर महीने 1.40 लाख रुपये का खर्च आएगा। वित्तीय वर्ष में लगभग 16.80 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है। यह धनराशि राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त होने वाले अनुदान से वहन की जाएगी।
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अत्याधुनिक मशीनों से होगा कचरे का शोधन
इस प्लांट में कचरे को साफ करने के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। डी-वाटरिंग मशीन और फीकल स्लज कलेक्शन टैंक, लिक्विड सीवेज कलेक्शन टैंक, क्लोरिनेशन टैंक, मल्टीग्रेड सैंड फिल्टर, एक्टीवेटेड कार्बन फिल्टर के जरिये कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। कीटाणुशोधन के बाद सूखे कचरे को जैविक खाद तथा पानी को सिंचाई व निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा सकेगा।
शहर के सतत विकास व स्वच्छ पर्यावरण के लिए एफएसटीपी का संचालन किया जा रहा है। जल्द ही इसका काम शुरू होगा।
रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस।