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Hathras News: परिजनों ने रोका शव का अंतिम संस्कार, किया हंगामा
Sun, 05 Oct 2025 01:40 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 05 Oct 2025 01:40 AM IST
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कस्बा की मढ़ैया निवासी 48 वर्षीय चंद्रपाल सिंह की दो अक्तूबर को नेपाल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। शनिवार की रात को उनका शव मुरसान पहुंचा। परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। देर रात तक वहां हंगामा भी हुआ।
मढ़ैया निवासी भोले पुत्र जमुना प्रसाद का कहना है कि उनके चाचा चंद्रपाल को पास के रहने वाले करीब 10 लोग 21 सितंबर को अपने साथ जबरन नेपाल के मेले में ले गए थे। आरोप है कि दो अक्तूबर की शाम करीब पांच बजे चंद्रपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, लेकिन उनके साथियों ने यह बात उनके परिवार के लोगों को नहीं बताई। अन्य किसी के माध्यम से इसकी सूचना रात नौ बजे उन्हें मिली थी।
भोले का कहना है कि उसके चाचा चंद्रपाल नवरात्र में नेपाल के देड़मधुरा जिले में मेले में हलवाई का काम करते थे। भोले का कहना है कि दो अक्तूबर को उनकी मौत के बाद तीन अक्तूबर को मौके पर पुलिस पहुंच गई थी और सभी को वहीं पर रोक लिया गया था। तीन अक्तूबर को ये लोग चुपके सेशव को लेकर मुरसान आ रहे थे, लेकिन उनको नेपाल बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया और उनको शव के साथ अस्पताल भेज दिया।
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शनिवार की सुबह शव को नेपाल से एंबुलेंस के जरिये मुरसान भेजा गया। बताया जाता है कि चंद्रपाल का पूरा परिवार उनकी कमाई से ही पलता था। चंद्रपाल ने अपने पीछे पूनम और एक बेटी को बिलखते हुए छोड़ा है। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, देर शाम चंद्रपाल के परिजनों ने यह कहते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस कारण काफी देर तक मौके पर हंगामा भी होता रहा। कोतवाली निरीक्षक ममता सिंह का कहना है कि मामला नेपाल का है। जो भी कार्रवाई होगी, वहीं से होगी।
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मढ़ैया निवासी भोले पुत्र जमुना प्रसाद का कहना है कि उनके चाचा चंद्रपाल को पास के रहने वाले करीब 10 लोग 21 सितंबर को अपने साथ जबरन नेपाल के मेले में ले गए थे। आरोप है कि दो अक्तूबर की शाम करीब पांच बजे चंद्रपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, लेकिन उनके साथियों ने यह बात उनके परिवार के लोगों को नहीं बताई। अन्य किसी के माध्यम से इसकी सूचना रात नौ बजे उन्हें मिली थी।
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भोले का कहना है कि उसके चाचा चंद्रपाल नवरात्र में नेपाल के देड़मधुरा जिले में मेले में हलवाई का काम करते थे। भोले का कहना है कि दो अक्तूबर को उनकी मौत के बाद तीन अक्तूबर को मौके पर पुलिस पहुंच गई थी और सभी को वहीं पर रोक लिया गया था। तीन अक्तूबर को ये लोग चुपके सेशव को लेकर मुरसान आ रहे थे, लेकिन उनको नेपाल बॉर्डर पर पुलिस ने रोक लिया और उनको शव के साथ अस्पताल भेज दिया।
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शनिवार की सुबह शव को नेपाल से एंबुलेंस के जरिये मुरसान भेजा गया। बताया जाता है कि चंद्रपाल का पूरा परिवार उनकी कमाई से ही पलता था। चंद्रपाल ने अपने पीछे पूनम और एक बेटी को बिलखते हुए छोड़ा है। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, देर शाम चंद्रपाल के परिजनों ने यह कहते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस कारण काफी देर तक मौके पर हंगामा भी होता रहा। कोतवाली निरीक्षक ममता सिंह का कहना है कि मामला नेपाल का है। जो भी कार्रवाई होगी, वहीं से होगी।