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हाथरस सत्संग हादसा: नारायण साकार हरि को क्लीन चिट, भगदड़ मचने से हुई थी 121 लोगों की मौत
Fri, 21 Feb 2025 01:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Fri, 21 Feb 2025 01:45 AM IST
सार
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में नारायण साकार हरि को क्लीन चिट मिलने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। सत्संग में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हुई थी।
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हाथरस हादसे से पहले सत्संग का दृश्य
- फोटो : संवाद
विस्तार
पिछले वर्ष दो जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में बाबा नारायण साकार हरि के सत्संग में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत की घटना ने हाथरस ही नहीं, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। अब इस मामले में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में नारायण साकार हरि को क्लीन चिट मिलने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
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गौरतलब है कि इस हादसे में 250 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद करीब दो महीने तक देश भर में सियासी सरगर्मियां उफान पर रही थीं। दो जुलाई को सत्संग के समापन के बाद जब भोले बाबा के काफिला निकलने लगा तो उनके अनुयायाी उनकी चरण धूल लेने के लिए बढ़े। इस दौरान भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई।
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भगदड़ के बीच हाईवे के सहारे के कीचड़ से भरे खेत में काफी लोग गिर गए और उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई। हादसे के बाद मची चीख-पुकार बीच अफरा-तफरी भरे माहौल में शवों व घायलों को सिकंदराराऊ के ट्राॅमा सेंटर और एटा के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मरने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक थी।
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हादसे की जांच के लिए मंडलायुक्त अलीगढ़ चैत्रा वी की अगुवाई में जांच समिति गठित की गई थी। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और एसएचओ समेत छह अफसरों को जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। इस मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया गया था।
यहां तक कि 121 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने एक अक्तूबर को न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। 3200 पेज की इस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इधर, इस मामले में न्यायिक आयोग ने करीब 500 गवाहों के बयान दर्ज किए थे। इनमें तत्कालीन डीएम, एसपी सहित कई अधिकारी, आयोजक और सत्संग की व्यवस्था से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।