{"_id":"5c01867abdec22416071169b","slug":"teachers-punish-poor-quality-of-education","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा की खराब गुणवत्ता पर शिक्षकों को फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा की खराब गुणवत्ता पर शिक्षकों को फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
स्कूल के निरीक्षण में बच्चों से पूछताछ करतीं बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सासनी (हाथरस)। सामाजिक संस्था राही फाउंडेशन एवं चौपाल के संयुक्त कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद राज्य की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल एवं स्वाति सिंह ने कस्बा के प्राथमिक विद्यालय संख्या दो में राही फाउंडेशन द्वारा कराए गए विकास कार्यों एवं शिक्षा की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल की। शिक्षा की खराब गुणवत्ता शिक्षिकाओं को कड़ी फटकार लगाई।
दरअसल, राही फाउंडेशन ने दो वर्ष पहले कस्बा के प्राथमिक विद्यालय संख्या दो को गोद लिया था। गोद लेने के बाद राही फाउंडेशन ने विद्यालय का कायाकल्प कर दिया है। रंगाई-पुताई, फर्नीचर, विद्युतीकरण, पेयजल और टाइल्स की भी व्यवस्था कराई गई है। दोनों मंत्रियों ने संस्था के काम की तारीफ की।
इसके बाद बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने कक्षा पांच के बच्चों से कॉपी में लिखी हिंदी को पढ़वाकर देखा, जिसे बच्चे पढ़ नहीं सके। उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो किसी बच्चे ने देश के प्रधानमंत्री तो किसी बच्चे ने राष्ट्रपति का नाम बताया। बच्चों को इंग्लिश भाषा रटाई तो गई, लेकिन भाषा का बोध नहीं कराया। गुड इवनिंग के स्थान पर गुड मॉर्निंग से संबोधन किया। मंत्री ने शिक्षकों को जमकर फटकारा और बच्चों के साथ मेहनत करने की नसीहत दी।
दरअसल, राही फाउंडेशन ने दो वर्ष पहले कस्बा के प्राथमिक विद्यालय संख्या दो को गोद लिया था। गोद लेने के बाद राही फाउंडेशन ने विद्यालय का कायाकल्प कर दिया है। रंगाई-पुताई, फर्नीचर, विद्युतीकरण, पेयजल और टाइल्स की भी व्यवस्था कराई गई है। दोनों मंत्रियों ने संस्था के काम की तारीफ की।
विज्ञापन
इसके बाद बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने कक्षा पांच के बच्चों से कॉपी में लिखी हिंदी को पढ़वाकर देखा, जिसे बच्चे पढ़ नहीं सके। उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो किसी बच्चे ने देश के प्रधानमंत्री तो किसी बच्चे ने राष्ट्रपति का नाम बताया। बच्चों को इंग्लिश भाषा रटाई तो गई, लेकिन भाषा का बोध नहीं कराया। गुड इवनिंग के स्थान पर गुड मॉर्निंग से संबोधन किया। मंत्री ने शिक्षकों को जमकर फटकारा और बच्चों के साथ मेहनत करने की नसीहत दी।
विज्ञापन