{"_id":"5cc1fdd2bdec225f510d9312","slug":"teacher-teachers-fail-in-dm-s-class","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम की क्लास में शिक्षक-शिक्षिकाएं फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम की क्लास में शिक्षक-शिक्षिकाएं फेल
Fri, 26 Apr 2019 12:17 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Fri, 26 Apr 2019 12:17 AM IST
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय कछपुरा में शिक्षिका से सवाल पूछते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की हकीकत गुरुवार को उस समय सामने आ गई, जब डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने छह परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। कई सवालों का जवाब खुद वहां तैनात शिक्षक-शिक्षिकाएं ही नहीं दे सके। बच्चे भी आसान सवालों के उत्तर नहीं बता सके। निरीक्षण से पूरे दिन शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ संबंधित अधिकारियों में भी खलबली मची रही।
डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए पांच शिक्षक- शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय चंदपा, प्राथमिक विद्यालय अनीगढ़ी, प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदपा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कछपुरा का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से लेकर शिक्षा के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे-मिल वितरण की जांच की। प्राथमिक विद्यालय चंदपा में 50 बच्चों के सापेक्ष मात्र 13 बच्चे उपस्थित पाए गए। उपस्थिति रजिस्टर के जांच के दौरान छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापिका अपर्णा पाराशर ने बताया कि बच्चों के स्कूल में देरी से आने के कारण उपस्थिति पंजिका में दर्ज नहीं की गई है। डीएम ने सुबह साढ़े नौ बजे तक हर हालत में उपस्थित पंजिका पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रधानाध्यापिका से बच्चों के रिजल्ट पंजिका तथा परीक्षा कापी का अवलोकन किया। उन्होंने रिजल्ट पंजिका में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान के छात्र छात्राओं के नाम के आगे अंकित करने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदपा में 12 बच्चों के सापेक्ष मात्र सात बच्चे उपस्थित मिले। डीएम ने कक्षा आठ की छात्रा से युधिष्ठिर, अग्रदूत तथा पतंजलि शब्द को ब्लैक बोर्ड पर लिखवाया गया। छात्रा द्वारा कुछ शब्दों को सही तथा कुछ शब्दों को गलत लिखा गया। डीएम ने अध्यापिका शबाना से शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए। विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता, उपस्थिति पंजिका तथा रिजल्ट पंजिका की स्थिति खराब होने पर प्रधानाध्यापिका को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी में पता चला कि एनजीओ द्वारा मिड-डे-मील का नहीं पहुंचाया गया था, लेकिन मिड-डे-मील रजिस्टर में वितरण दर्ज पाया गया। डीएम ने नाराजगी जताते हुए एनजीओ का एक दिन का भुगतान काटने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका इंदिरा देवी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी में नामांकन 40 बच्चों के सापेक्ष 12 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, परंतु मौके पर मात्र तीन बच्चे उपस्थित मिले, जिसमेें से कक्षा छह में कोई भी बच्चा उपस्थित नहीं पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कछपुरा में नामांकन 37 बच्चों में से 21 बच्चे उपस्थित पाए गए। कक्षा आठ के छात्र से सात का वर्ग पूछे जाने पर छात्र ने 14 बताया, जो कि गलत था। डीएम ने अध्यापक शिवशंकर सिंह से शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के निर्देश दिए। डीएम द्वारा गणित अध्यापक शिवशंकर से बोडमास का नियम पूछने पर असमर्थता जाहिर की गई। इसी तरह शिक्षिका ज्योति वर्मा ने मति का रूप, पठ का रूप बताने में असमर्थ रहीं। विद्यालय में शिक्षा का स्तर खराब होने के कारण शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अवसर पर बीएसए हरिश्चंद्र, डीपीओ धर्मेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ आदि अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए पांच शिक्षक- शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय चंदपा, प्राथमिक विद्यालय अनीगढ़ी, प्राथमिक विद्यालय कछपुरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदपा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कछपुरा का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से लेकर शिक्षा के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे-मिल वितरण की जांच की। प्राथमिक विद्यालय चंदपा में 50 बच्चों के सापेक्ष मात्र 13 बच्चे उपस्थित पाए गए। उपस्थिति रजिस्टर के जांच के दौरान छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापिका अपर्णा पाराशर ने बताया कि बच्चों के स्कूल में देरी से आने के कारण उपस्थिति पंजिका में दर्ज नहीं की गई है। डीएम ने सुबह साढ़े नौ बजे तक हर हालत में उपस्थित पंजिका पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रधानाध्यापिका से बच्चों के रिजल्ट पंजिका तथा परीक्षा कापी का अवलोकन किया। उन्होंने रिजल्ट पंजिका में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान के छात्र छात्राओं के नाम के आगे अंकित करने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदपा में 12 बच्चों के सापेक्ष मात्र सात बच्चे उपस्थित मिले। डीएम ने कक्षा आठ की छात्रा से युधिष्ठिर, अग्रदूत तथा पतंजलि शब्द को ब्लैक बोर्ड पर लिखवाया गया। छात्रा द्वारा कुछ शब्दों को सही तथा कुछ शब्दों को गलत लिखा गया। डीएम ने अध्यापिका शबाना से शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए। विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता, उपस्थिति पंजिका तथा रिजल्ट पंजिका की स्थिति खराब होने पर प्रधानाध्यापिका को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी में पता चला कि एनजीओ द्वारा मिड-डे-मील का नहीं पहुंचाया गया था, लेकिन मिड-डे-मील रजिस्टर में वितरण दर्ज पाया गया। डीएम ने नाराजगी जताते हुए एनजीओ का एक दिन का भुगतान काटने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका इंदिरा देवी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनीगढ़ी में नामांकन 40 बच्चों के सापेक्ष 12 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, परंतु मौके पर मात्र तीन बच्चे उपस्थित मिले, जिसमेें से कक्षा छह में कोई भी बच्चा उपस्थित नहीं पाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कछपुरा में नामांकन 37 बच्चों में से 21 बच्चे उपस्थित पाए गए। कक्षा आठ के छात्र से सात का वर्ग पूछे जाने पर छात्र ने 14 बताया, जो कि गलत था। डीएम ने अध्यापक शिवशंकर सिंह से शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के निर्देश दिए। डीएम द्वारा गणित अध्यापक शिवशंकर से बोडमास का नियम पूछने पर असमर्थता जाहिर की गई। इसी तरह शिक्षिका ज्योति वर्मा ने मति का रूप, पठ का रूप बताने में असमर्थ रहीं। विद्यालय में शिक्षा का स्तर खराब होने के कारण शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अवसर पर बीएसए हरिश्चंद्र, डीपीओ धर्मेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ आदि अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन