Hathras: ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे बीएलओ की मौत, परिवार में छाया मातम, एक दिन का वेतन देंगे कर्मी
बीएलओ बतौर कार्य कर रहे शिक्षक की घर में गिरकर मौत हो गई। उस समय मृतक की पत्नी मायके में थी। सूचना पर डीएम और एसपी पहुंचे। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विस्तार
हाथरस में सिकंदराराऊ पुरानी तहसील रोड के मोहल्ला ब्रह्मानपुरी में 2 दिसंबर की सुबह 7:00 बजे ड्यूटी पर जाने से पहले नाश्ता कर रहे सहायक अध्यापक कमलकांत (40) अचानक गिर गए और उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उनकी बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी, उसके बाद से वह तनाव में थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने को मौत की वजह बताया गया है। सूचना पर मृतक के आवास पर लोगों की भीड़ लग गई।
कमलकांत संविलियन विद्यालय नवली में तैनात थे। वह मकान की ऊपरी मंजिल पर रहते थे। घटना के वक्त पत्नी नीलम शर्मा अपने मायके पुरदिलनगर गई हुई थीं। घर पर उनके चार बच्चे और 70 वर्षीय मां विजय देवी थीं। परिजनों ने बताया कि आठ बजे उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना था और वह नाश्ता करते समय गिर पड़े। पड़ोसी उन्हें उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाने लगे, रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। पत्नी नीलम का आरोप है कि एसआईआर का कार्य शुरू होने के बाद से वह तनाव में थे और चिड़चिड़े हो गए थे। यही बात उन्होंने पुलिस को भी लिखकर भी दी है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम कराया गया।सूचना पर एसडीएम, सीओ के अलावा डीएम अतुल वत्स व एसएसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों से बात की।
पहले पति और छोटे बेटे का साथ छूटा, अब बड़ा भी छोड़कर चला गया
सहायक अध्यापक कमलकांत शर्मा की मौत से मां विजय देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। वे परिवार में अकेले कमाने वाले थे। विजय देवी अपने नातियों को देखकर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रही थीं। रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही थीं। उनका एक ही सवाल था कि अब इन बच्चों का क्या होगा। मौके पर पहुंचे अधिकारी व रिश्तेदार उन्हें संभालते नजर आए। विजय देवी के पति देवेंद्र शर्मा की 16 साल पहले मृत्यु हो गई थी। परिजनों के अनुसार बीमारी के चलते उनका निधन हुआ था। वे बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात थे। उनके स्थान पर वर्ष 2011 में मृतक आश्रित कोटे से कमलकांत की नौकरी लग गई थी। लगभग सात साल पहले कमलकांत के छोटे भाई तुषार की भी 26 साल की उम्र में बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
कमलकांत फिलहाल संविलियन विद्यालय नावली लालपुर में तैनात थे। उनपर मां के अलावा पत्नी नीलम व चार बच्चों की जिम्मेदारी थी, जिनमें बड़ा बेटा विनायक(12), उससे छोटा पुष्कर(10), माधव(6) व डेढ़ साल का देव है। अचानक कमलकांत की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कमलकांत की मौत से घर में चीख-पुकार मच गई। बच्चों का भी रो-रो कर बुरा हाल था। पत्नी नीलम परिवार वालों के साथ मायके से घर लौटीं। पति का शव देख वह भी बदहवास हो गईं। घटना से रिश्तेदार व आस-पड़ोसी भी परेशान व भावुक नजर आए। बच्चों की हालत देख वे भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
आत्महत्या की अफवाह फैली, पैनल ने किया पोस्टमार्टम
बीएलओ की मौत के बाद उनके आत्महत्या करने की बात अफवाह फैल गई। परिजनों एसआईआर के तनाव में तबीयत खराब होने और मौत होने की बात कही। इसके चलते चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर में चोट लगने से मौत होने की बात सामने आई। सूचना पर अधिकारी एसडीएम, बीएसए, सीओ, डीएम, एसपी कमलकांत के घर पहुंच गए। डीएम ने मंगलवार दोपहर परिजनों से वार्ता के बाद आत्महत्या करने का खंडन किया। साथ ही बताया कि परिवार सदमे में है, दुखी है, लेकिन आक्रोशित नहीं। शाम को उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आशंका जताई किसी वजह से उन्हें चक्कर आए और वह गिर पड़े,जिससे चोट लगी।
व्यवहार कुशल और मेहनती थे कमलकांत
कमलकांत के पिता देवेंद्र कुमार शर्मा अध्यापक थे। शिक्षक विजयवीर सिंह और कृष्णकांत कौशिक ने बताया कि कमलकांत काफी मेहनती थे, उनका बच्चों को बढ़ाने का ढंग काफी अच्छा था। वह जहां भी नियुक्त होते लोकप्रिय हो जाते थे। एसएआर का कार्य भी पूरे मन लगाकर कर रहे थे। उनकी मौत से शिक्षक संघ को हुई क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती।
परिवार की मदद के लिए बढ़े हाथ, एक दिन का वेतन देंगे कर्मी
कमलकांत की मौत के बाद उनके चार बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी पत्नी नीलम पर आ गई है। इसको देखते हुए उनकी मदद के लिए भी हाथ आगे बढ़े हैं। डीएम ने मृतक आश्रित कोटे से शैक्षिक योग्यता के अनुसार नौकरी दिलाने का भरोसा दिया है।
जिलाधिकारी व एसपी ने मृतक की पत्नी और उसकी मां को सांत्वना देते हुए कहा कि वह अपना एक दिन का वेतन परिवार को देंगे। इसके अलावा मृतक के चारों बच्चों के पढ़ने का जिम्मेदारी भी प्रशासन उठाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि नीलम शर्मा को शीघ्र ही मृतक आश्रित कोटे से सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रशासन परिवार के साथ है। सभी ने परिवार को एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया है। साथ ही स्कूल जाने वाले तीनों बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी प्रशासन उठाएगा। पत्नी को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कमलकांत अच्छे कार्मिक थे और काम भी अच्छा था। काम का दबाव जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
50 फीसदी फाॅर्म कर दिए थे फीड
डीएम ने बताया कि बीएलओ कमलकांत शर्मा का कार्य संतोषजनक था। वह संविलियन विद्यालय नावली लालपुर में बूथ क्रमांक-एक पर तैनात थे। उनके क्षेत्र में कुल 744 मतदाता थे, जिनमें से सभी को फाॅर्म वितरित किए जा चुके थे। इनमें से 375 फाॅर्म बीएलओ ने फीड भी कर दिए थे। डीएम ने बताया कि उनका कार्य संतोषजनक था। ऐसे में कोई दबाव वाली बात नजर नहीं आती है।
विद्यालय की स्थिति
संविलियन विद्यालय नावली लालपुर कक्षा एक से आठ तक है। प्राथमिक में कमलकांत सहित तीन सहायक अध्यापक तैनात थे। जूनियर में भी तीन सहायक अध्यापिका तैनात हैं। इनमें से ही एक पर प्रधानाध्यापक का चार्ज है। जानकारी के अनुसार कमलकांत के अलावा विद्यालय में निखिल अग्रवाल की ड्यूटी बीएलओ में लगी है, उनके पास लगभग 850 मतदाता हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.