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Hathras News: स्वाइन फ्लू...बुखार के साथ सांस फूली तो आइसोलेट किया जाएगा मरीज
Mon, 31 Aug 2026 02:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 31 Aug 2026 02:20 AM IST
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सिकंदराराऊ में स्क्रीनिंग करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत : विभाग
- फोटो : Department
जिले में स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। एच1एन1 वायरस की रोकथाम और संक्रमित मरीजों से संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। मुरसान और सिकंदराराऊ में संक्रमित मरीजों के घर और आसपास रहने वाले लोगों की जांच की गई। सिकंदराराऊ में रविवार को करीब 30 घरों में स्क्रीनिंग की गई, लेकिन कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला।
सिकंदराराऊ के सराय उमदा निवासी 50 वर्षीय यामीन में एच1एन1 संक्रमण की जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ से पुष्टि हुई है। मरीज में 23 अगस्त से लक्षण शुरू हुए थे। वर्तमान में वह अलीगढ़ ही भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। रविवार सुबह सिकंदराराऊ सीएचसी की टीम मरीज के घर पहुंची। परिवार के 12 सदस्यों की स्क्रीनिंग की गई। सभी स्वस्थ मिले।
परिवार के एक बच्चे को तीन दिन पहले बुखार आया था, लेकिन अब वह भी स्वस्थ है। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने आसपास के करीब 30 घरों में लोगों की स्क्रीनिंग की। किसी में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध लक्षण नहीं मिले।
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मुरसान में छह माह की बच्ची हुई थी संक्रमित
जिले में एच1एन1 से जुड़ा यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक अगस्त को मुरसान ब्लॉक क्षेत्र में छह माह की बच्ची बीमार हुई थी। जांच में जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में बच्ची के इन्फ्लूएंजा-ए से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। उपचार के बाद बच्ची आठ अगस्त को स्वस्थ होकर घर लौट आई थी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्ची के घर और आसपास के क्षेत्र में स्क्रीनिंग की। यहां भी कोई अन्य संदिग्ध मरीज नहीं मिला।
हर सीएचसी पर लिया जाएगा सैंपल
स्वाइन फ्लू की पुष्टि आरटी-पीसीआर जांच से की जाएगी। जिले में जांच की सुविधा जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में रहेगी, जबकि सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर की गई है। सीएचसी पर वॉयल उपलब्ध कराई गई हैं। संदिग्ध मरीज का सैंपल लेने के बाद उसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू के लिए एक भी आरटी-पीसीआर जांच नहीं हुई है।
सीएचसी पर चार-चार बेड, टीबी अस्पताल में अलग वार्ड
सी-श्रेणी के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार-चार बेड की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार इन वार्डों में आइसोलेट कर उपचार दिया जाएगा। जिला स्तर पर टीबी अस्पताल के प्रथम तल पर भी अलग वार्ड तैयार किया गया है। यहां मरीजों को भर्ती कर आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। अस्पताल में डायरेक्ट ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था भी है। कोरोना संक्रमण के दौरान भी टीबी अस्पताल को एल-2 समर्पित कोविड अस्पताल बनाया गया था।
तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे मरीज
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी के लिए उन्हें तीन श्रेणियों में बांटने की व्यवस्था की है।
ए-श्रेणी - साधारण सर्दी-जुकाम और हल्के लक्षण वाले मरीज। वायरल के चलते हर परिवार में कोई न कोई प्रभावित है।
बी-श्रेणी - वायरल के कारण संक्रमित मरीज, जिन्हें तेज बुखार व जुकाम व खांसी है। ऐसे मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रहने की सलाह दी जा रही है।
सी-श्रेणी - इसमें वे मरीज शामिल हैं, जिनकी तेज बुखार के साथ सांस फूल रही है। शरीर अचानक कमजोर हो गया है और खड़े रहने तक की क्षमता नहीं है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का जोर इस समय संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान, सैंपलिंग और संक्रमित मरीजों को अलग रखने पर है। बुखार, खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ऐसे मरीजों की जांच कराकर आवश्यकता के अनुसार उन्हें भर्ती और आइसोलेट किया जाएगा। चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है। सभी की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।
-डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ
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सिकंदराराऊ के सराय उमदा निवासी 50 वर्षीय यामीन में एच1एन1 संक्रमण की जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ से पुष्टि हुई है। मरीज में 23 अगस्त से लक्षण शुरू हुए थे। वर्तमान में वह अलीगढ़ ही भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। रविवार सुबह सिकंदराराऊ सीएचसी की टीम मरीज के घर पहुंची। परिवार के 12 सदस्यों की स्क्रीनिंग की गई। सभी स्वस्थ मिले।
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परिवार के एक बच्चे को तीन दिन पहले बुखार आया था, लेकिन अब वह भी स्वस्थ है। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने आसपास के करीब 30 घरों में लोगों की स्क्रीनिंग की। किसी में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध लक्षण नहीं मिले।
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मुरसान में छह माह की बच्ची हुई थी संक्रमित
जिले में एच1एन1 से जुड़ा यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक अगस्त को मुरसान ब्लॉक क्षेत्र में छह माह की बच्ची बीमार हुई थी। जांच में जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में बच्ची के इन्फ्लूएंजा-ए से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। उपचार के बाद बच्ची आठ अगस्त को स्वस्थ होकर घर लौट आई थी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्ची के घर और आसपास के क्षेत्र में स्क्रीनिंग की। यहां भी कोई अन्य संदिग्ध मरीज नहीं मिला।
हर सीएचसी पर लिया जाएगा सैंपल
स्वाइन फ्लू की पुष्टि आरटी-पीसीआर जांच से की जाएगी। जिले में जांच की सुविधा जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में रहेगी, जबकि सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर की गई है। सीएचसी पर वॉयल उपलब्ध कराई गई हैं। संदिग्ध मरीज का सैंपल लेने के बाद उसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू के लिए एक भी आरटी-पीसीआर जांच नहीं हुई है।
सीएचसी पर चार-चार बेड, टीबी अस्पताल में अलग वार्ड
सी-श्रेणी के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार-चार बेड की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार इन वार्डों में आइसोलेट कर उपचार दिया जाएगा। जिला स्तर पर टीबी अस्पताल के प्रथम तल पर भी अलग वार्ड तैयार किया गया है। यहां मरीजों को भर्ती कर आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। अस्पताल में डायरेक्ट ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था भी है। कोरोना संक्रमण के दौरान भी टीबी अस्पताल को एल-2 समर्पित कोविड अस्पताल बनाया गया था।
तीन श्रेणियों में बांटे जाएंगे मरीज
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी के लिए उन्हें तीन श्रेणियों में बांटने की व्यवस्था की है।
ए-श्रेणी - साधारण सर्दी-जुकाम और हल्के लक्षण वाले मरीज। वायरल के चलते हर परिवार में कोई न कोई प्रभावित है।
बी-श्रेणी - वायरल के कारण संक्रमित मरीज, जिन्हें तेज बुखार व जुकाम व खांसी है। ऐसे मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रहने की सलाह दी जा रही है।
सी-श्रेणी - इसमें वे मरीज शामिल हैं, जिनकी तेज बुखार के साथ सांस फूल रही है। शरीर अचानक कमजोर हो गया है और खड़े रहने तक की क्षमता नहीं है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का जोर इस समय संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान, सैंपलिंग और संक्रमित मरीजों को अलग रखने पर है। बुखार, खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ऐसे मरीजों की जांच कराकर आवश्यकता के अनुसार उन्हें भर्ती और आइसोलेट किया जाएगा। चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है। सभी की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।
-डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ