{"_id":"6aa9add8b8b9df457c005553","slug":"survey-conducted-four-years-ago-work-started-two-years-ago-yet-clean-water-remains-unavailable-hathras-news-c-56-1-hts1004-154196-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: चार साल पहले सर्वे, दो साल पहले काम शुरू, फिर भी नहीं मिला शुद्ध पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: चार साल पहले सर्वे, दो साल पहले काम शुरू, फिर भी नहीं मिला शुद्ध पानी
Wed, 16 Sep 2026 02:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन-हर घर जल और अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शहरवासियों को 24 घंटे सातों दिन (24x7) शुद्ध पेयजल की सप्लाई दी जानी थी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना की शुरुआत शहर की आवास-विकास कॉलोनी से की गई थी। जल निगम ने वर्ष 2022 में सर्वे कराकर प्रस्ताव भेजा था। मंजूरी मिलने के बाद कार्य भी शुरू कराया गया, फिर भी लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिला है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद वर्ष 2024 में पाइपलाइन डालने का काम शुरू किया गया। योजना के तहत बिजली के मीटर की तर्ज पर ही घरों में पानी के मीटर लगाए जाने थे, जिससे हर घर में 24 घंटे शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि परियोजना का 40 फीसदी से अधिक काम अब भी लटका हुआ है।
24 घंटे पानी तो दूर, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
सड़कों की बदहाली : नई पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खोदाई की गई, जिससे पूरी सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं।
अधूरे कनेक्शन : नई पाइपलाइन के कनेक्शन अब तक नहीं किए गए हैं। कनेक्शन वाले पाइपों को घरों के बाहर आधा-अधूरा निकालकर छोड़ दिया गया है।
पानी का संकट : जल निगम द्वारा वर्ष 2021 में निर्मित 425 किलोलीटर क्षमता के भूमिगत जलाशय और पानी की टंकी से फिलहाल सुबह और शाम केवल एक-एक घंटे ही पानी की आपूर्ति की जाती है। कनेक्शन पूरे न होने के कारण लोगों को दो घंटे पानी भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
गुजरात की कंपनी पर 46 लाख रुपये का जुर्माना
इस प्रोजेक्ट का काम गुजरात की एक कार्यदायी फर्म को सौंपा गया था। वर्ष 2024 में शुरू हुए इस कार्य को एक साल के भीतर पूरा करना अनिवार्य था, ताकि टेस्टिंग सफल होने के बाद इसे पूरे शहर में लागू किया जा सके। समय सीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरा न करने पर जल निगम द्वारा इसी साल संबंधित फर्म पर 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके बावजूद अब तक घरों में पानी के मीटर नहीं लगाए जा सके हैं।
एक नजर में प्रोजेक्ट
परियोजना का नाम : 24/7 शुद्ध पेयजल आपूर्ति (अमृत 2.0/जल जीवन मिशन)
कुल लागत : पांच करोड़ रुपये
कवर किया जाने वाला क्षेत्र : वार्ड तीन (आवास-विकास कॉलोनी सेक्टर 2, 3, 4 व 5, ब्रह्मपुरी, अशोक नगर, दिलीप नगर एवं अहियापुर आंशिक)
लाभान्वित होने वाले परिवार : लगभग 1,200
वार्ड में मतदाता : 6,500
कुल प्रभावित आबादी : लगभग 11,000
आवास-विकास कॉलोनी में दो साल से पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। पुलिया टूटी हुई हैं। ठेकेदार ने इन्हें सही नहीं कराया है। कनेक्शन भी अधूरे पड़े हैं, जिससे घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। दो साल से नरक जैसे हालात हैं। बारिश में तो और समस्या खड़ी हो जाती है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
-अतुल चौधरी, सभासद, वार्ड-3
दो साल से परेशान हैं। गलियां उबड़-खाबड़ हो चुकी हैं। हादसे का डर बना रहता है। घरों तक पानी तो पहुंचा नहीं, समस्या बढ़ा दी है। जब विभाग को प्रयोग ही करना तो कहीं और कर लेते। कम से कम सुबह व शाम तो पानी आता रहता।
-भूप सिंह उर्फ पिप्पल, स्थानीय निवासी
प्रोजेक्ट में देरी हुई है। इस कारण संबंधित फर्म पर जुर्माना लगाया गया है। इस बारे में शासन को भी अवगत कराया गया है। दिसंबर तक काम पूरा हो जाएगा। पाइपलाइन बिछने का काम लगभग पूरा हो चुका है। मीटर की सप्लाई आने वाली है, जल्द ही मीटर भी लग जाएंगे।
-सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम
विज्ञापन
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद वर्ष 2024 में पाइपलाइन डालने का काम शुरू किया गया। योजना के तहत बिजली के मीटर की तर्ज पर ही घरों में पानी के मीटर लगाए जाने थे, जिससे हर घर में 24 घंटे शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि परियोजना का 40 फीसदी से अधिक काम अब भी लटका हुआ है।
विज्ञापन
24 घंटे पानी तो दूर, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
सड़कों की बदहाली : नई पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खोदाई की गई, जिससे पूरी सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं।
अधूरे कनेक्शन : नई पाइपलाइन के कनेक्शन अब तक नहीं किए गए हैं। कनेक्शन वाले पाइपों को घरों के बाहर आधा-अधूरा निकालकर छोड़ दिया गया है।
पानी का संकट : जल निगम द्वारा वर्ष 2021 में निर्मित 425 किलोलीटर क्षमता के भूमिगत जलाशय और पानी की टंकी से फिलहाल सुबह और शाम केवल एक-एक घंटे ही पानी की आपूर्ति की जाती है। कनेक्शन पूरे न होने के कारण लोगों को दो घंटे पानी भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
गुजरात की कंपनी पर 46 लाख रुपये का जुर्माना
इस प्रोजेक्ट का काम गुजरात की एक कार्यदायी फर्म को सौंपा गया था। वर्ष 2024 में शुरू हुए इस कार्य को एक साल के भीतर पूरा करना अनिवार्य था, ताकि टेस्टिंग सफल होने के बाद इसे पूरे शहर में लागू किया जा सके। समय सीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरा न करने पर जल निगम द्वारा इसी साल संबंधित फर्म पर 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके बावजूद अब तक घरों में पानी के मीटर नहीं लगाए जा सके हैं।
एक नजर में प्रोजेक्ट
परियोजना का नाम : 24/7 शुद्ध पेयजल आपूर्ति (अमृत 2.0/जल जीवन मिशन)
कुल लागत : पांच करोड़ रुपये
कवर किया जाने वाला क्षेत्र : वार्ड तीन (आवास-विकास कॉलोनी सेक्टर 2, 3, 4 व 5, ब्रह्मपुरी, अशोक नगर, दिलीप नगर एवं अहियापुर आंशिक)
लाभान्वित होने वाले परिवार : लगभग 1,200
वार्ड में मतदाता : 6,500
कुल प्रभावित आबादी : लगभग 11,000
आवास-विकास कॉलोनी में दो साल से पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। पुलिया टूटी हुई हैं। ठेकेदार ने इन्हें सही नहीं कराया है। कनेक्शन भी अधूरे पड़े हैं, जिससे घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। दो साल से नरक जैसे हालात हैं। बारिश में तो और समस्या खड़ी हो जाती है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
-अतुल चौधरी, सभासद, वार्ड-3
दो साल से परेशान हैं। गलियां उबड़-खाबड़ हो चुकी हैं। हादसे का डर बना रहता है। घरों तक पानी तो पहुंचा नहीं, समस्या बढ़ा दी है। जब विभाग को प्रयोग ही करना तो कहीं और कर लेते। कम से कम सुबह व शाम तो पानी आता रहता।
-भूप सिंह उर्फ पिप्पल, स्थानीय निवासी
प्रोजेक्ट में देरी हुई है। इस कारण संबंधित फर्म पर जुर्माना लगाया गया है। इस बारे में शासन को भी अवगत कराया गया है। दिसंबर तक काम पूरा हो जाएगा। पाइपलाइन बिछने का काम लगभग पूरा हो चुका है। मीटर की सप्लाई आने वाली है, जल्द ही मीटर भी लग जाएंगे।
-सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम