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Hathras News: सुमन ने रोजगार सेवकों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया
Wed, 11 Mar 2026 02:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:10 AM IST
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समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान मनरेगा और रोजगार सेवकों की दुर्दशा को सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए धन आवंटित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि वह धन पात्र लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसा प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करना चाहिए, जिससे योजनाओं के लिए जारी धनराशि पूरी तरह खर्च हो सके और राज्यों की जवाबदेही तय हो। सुमन ने मजदूरी में असमानता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मनरेगा श्रमिकों को करीब 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह मात्र 252 रुपये है।
साथ ही उन्होंने कहा कि पहले इस योजना में 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार का होता था, लेकिन नई व्यवस्था में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा, जिससे कई राज्य सरकारें इस योजना का बोझ उठाने में असमर्थ हो रही हैं। संवाद
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसा प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करना चाहिए, जिससे योजनाओं के लिए जारी धनराशि पूरी तरह खर्च हो सके और राज्यों की जवाबदेही तय हो। सुमन ने मजदूरी में असमानता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मनरेगा श्रमिकों को करीब 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह मात्र 252 रुपये है।
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साथ ही उन्होंने कहा कि पहले इस योजना में 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार का होता था, लेकिन नई व्यवस्था में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा, जिससे कई राज्य सरकारें इस योजना का बोझ उठाने में असमर्थ हो रही हैं। संवाद
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