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चंदे की बिजली से रोशन हो रहा मीरपुर
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:16 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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सासनी के गांव नगला फतेला के बाद अब पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत सादाबाद ब्लॉक के गांव मीरपुर में किए गए विद्युतीकरण पर भी सवाल उठ रहे हैं।
‘अमर उजाला’ की टीम ने शनिवार को गांव पहुंचकर जब योजना के तहत किए गए कार्यों की हकीकत जानी तो विभाग के दावों की पोल खुल गई। दावों और हकीकत में जमीन आसमान का फर्क था।
करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में ग्रामीणों ने चार से पांच लोगों के समूह ने चंदा एकत्रित कर विद्युत विभाग में रुपये जमा कर करीब 25 निजी ट्रांसफॉर्मर रखवाए हैं। इन्हीं ट्रांसफॉर्मरों के जरिए करीब 250 लोगों के घर बिना मीटर के ही रोशन हो रहे हैं।
यह सभी ट्रांसफॉर्मर करीब 20 साल पुरानी एचटी लाइन से जुडे़ हैं। इनसे बिल भी हर महीने वसूल किया जा रहा है। इसके अलावा गांव में नलकूप के करीब 25 से 30 कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों की लाइन से भी काफी घर रोशन हो रहे हैं, जबकि नियमानुसार यह गलत है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जो विद्युतीकरण का कार्य किया है, उसमें मनमानी की गई है। गांव के मुख्य रास्ते पर कोई भी पोल विद्युतीकरण के तहत नहीं लगाया गया है।
गांव में फौरन सिंह के मकान से राया मार्ग तक के 300 मीटर के रास्ते, दुर्जन सिंह के मकान से राया रोड के 110 मीटर के रास्ते में कोई पोल नहीं लगाया गया है। यही नहीं अन्य कई गली-मोहल्लों में विद्युत पोल नहीं लगाए गए हैं।
मीटर लगाने के नाम पर वसूली, नारेबाजी
गांव में लगाए जा रहे नए विद्युत मीटरों के नाम पर सौ-सौ रुपये की वसूली की जा रही है, जिससे ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखाई दिए।
ग्रामीणों ने कैमरे के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। ग्रामीणों का कहना था कि पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांव में नए कनेक्शनों के लिए जो मीटर लगाए जा रहे हैं, उनकी एवज में मीटर लगाने वाले कर्मी उनसे प्रति मीटर सौ रुपये वसूल कर रहे हैं।
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‘अमर उजाला’ की टीम ने शनिवार को गांव पहुंचकर जब योजना के तहत किए गए कार्यों की हकीकत जानी तो विभाग के दावों की पोल खुल गई। दावों और हकीकत में जमीन आसमान का फर्क था।
करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में ग्रामीणों ने चार से पांच लोगों के समूह ने चंदा एकत्रित कर विद्युत विभाग में रुपये जमा कर करीब 25 निजी ट्रांसफॉर्मर रखवाए हैं। इन्हीं ट्रांसफॉर्मरों के जरिए करीब 250 लोगों के घर बिना मीटर के ही रोशन हो रहे हैं।
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यह सभी ट्रांसफॉर्मर करीब 20 साल पुरानी एचटी लाइन से जुडे़ हैं। इनसे बिल भी हर महीने वसूल किया जा रहा है। इसके अलावा गांव में नलकूप के करीब 25 से 30 कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों की लाइन से भी काफी घर रोशन हो रहे हैं, जबकि नियमानुसार यह गलत है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जो विद्युतीकरण का कार्य किया है, उसमें मनमानी की गई है। गांव के मुख्य रास्ते पर कोई भी पोल विद्युतीकरण के तहत नहीं लगाया गया है।
गांव में फौरन सिंह के मकान से राया मार्ग तक के 300 मीटर के रास्ते, दुर्जन सिंह के मकान से राया रोड के 110 मीटर के रास्ते में कोई पोल नहीं लगाया गया है। यही नहीं अन्य कई गली-मोहल्लों में विद्युत पोल नहीं लगाए गए हैं।
मीटर लगाने के नाम पर वसूली, नारेबाजी
गांव में लगाए जा रहे नए विद्युत मीटरों के नाम पर सौ-सौ रुपये की वसूली की जा रही है, जिससे ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखाई दिए।
ग्रामीणों ने कैमरे के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया। ग्रामीणों का कहना था कि पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत गांव में नए कनेक्शनों के लिए जो मीटर लगाए जा रहे हैं, उनकी एवज में मीटर लगाने वाले कर्मी उनसे प्रति मीटर सौ रुपये वसूल कर रहे हैं।