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Hathras News: पासपोर्ट रिन्यू कराने हाथरस पहुंचे कथावाचक इंद्रेश
Sat, 20 Jun 2026 02:40 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 20 Jun 2026 02:40 AM IST
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पासपोर्ट केंद्र पर इंद्रेश उपाध्याय के साथ सदर विधायक अंजुला माहौर व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गौर
- फोटो : Samvad
सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय बृहस्पतिवार को अचानक हाथरस जंक्शन स्थित पोस्ट ऑफिस के पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंचे। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा के एक साधारण नागरिक की तरह दोपहर ठीक दो बजे जब वह पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए केंद्र में दाखिल हुए, तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए।
जैसे ही स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को उनके आने की भनक लगी, केंद्र पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान सदर विधायक अंजुला माहौर और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य ने भी मौके पर पहुंचकर उनका स्वागत किया। पासपोर्ट केंद्र पर मौजूद आम श्रद्धालुओं ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने का प्रयास किया, हालांकि उन्होंने बेहद सादगी से उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया और सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
कटक और पुरी के बाद ऑस्ट्रेलिया में गूंजेगी कथा
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने हाल ही में छह से 13 जून तक वृंदावन के फोगला आश्रम व गोवर्धन में अधिक मास के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया था। इसके बाद एक सप्ताह विश्राम कर वे बृहस्पतिवार को दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, लेकिन उससे पहले वे अपने पासपोर्ट के काम के लिए हाथरस रुके।
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सात समंदर पार महकेगी हाथरस की हींग
पासपोर्ट के काम के साथ इंद्रेश ने विशेष रूप से हाथरस की प्रसिद्ध हींग और लच्छेदार रबड़ी ली। उन्होंने हाथरस की खूबियों की सराहना करते हुए कहा कि मैं जब भी किसी विदेशी दौरे पर जाता हूं, तो मेरी यह कोशिश रहती है कि हाथरस की महक यानी हींग अपने साथ जरूर लेकर जाऊं। इसके साथ ही उन्होंने हाथरस की मशहूर रबड़ी का स्वाद चखते हुए कहा कि यहां की रबड़ी उन्हें बेहद पसंद है और इसका स्वाद लाजवाब है।
उनका आगामी धार्मिक सफर
हाथरस जंक्शन पासपोर्ट केंद्र पर औपचारिकता पूरी करने के बाद, वे सीधे दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। दिल्ली एयरपोर्ट से वे भुवनेश्वर के लिए रवाना हुए। वहां कटक में 20 से 26 जून और जगन्नाथ पुरी में 27 जून से श्रीमद् भागवत कथा होगी। वहां से वे ऑस्ट्रेलिया जाएंगे, जहां दो जुलाई से कथा है।
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जैसे ही स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को उनके आने की भनक लगी, केंद्र पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान सदर विधायक अंजुला माहौर और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य ने भी मौके पर पहुंचकर उनका स्वागत किया। पासपोर्ट केंद्र पर मौजूद आम श्रद्धालुओं ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने का प्रयास किया, हालांकि उन्होंने बेहद सादगी से उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया और सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
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कटक और पुरी के बाद ऑस्ट्रेलिया में गूंजेगी कथा
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने हाल ही में छह से 13 जून तक वृंदावन के फोगला आश्रम व गोवर्धन में अधिक मास के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया था। इसके बाद एक सप्ताह विश्राम कर वे बृहस्पतिवार को दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, लेकिन उससे पहले वे अपने पासपोर्ट के काम के लिए हाथरस रुके।
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सात समंदर पार महकेगी हाथरस की हींग
पासपोर्ट के काम के साथ इंद्रेश ने विशेष रूप से हाथरस की प्रसिद्ध हींग और लच्छेदार रबड़ी ली। उन्होंने हाथरस की खूबियों की सराहना करते हुए कहा कि मैं जब भी किसी विदेशी दौरे पर जाता हूं, तो मेरी यह कोशिश रहती है कि हाथरस की महक यानी हींग अपने साथ जरूर लेकर जाऊं। इसके साथ ही उन्होंने हाथरस की मशहूर रबड़ी का स्वाद चखते हुए कहा कि यहां की रबड़ी उन्हें बेहद पसंद है और इसका स्वाद लाजवाब है।
उनका आगामी धार्मिक सफर
हाथरस जंक्शन पासपोर्ट केंद्र पर औपचारिकता पूरी करने के बाद, वे सीधे दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। दिल्ली एयरपोर्ट से वे भुवनेश्वर के लिए रवाना हुए। वहां कटक में 20 से 26 जून और जगन्नाथ पुरी में 27 जून से श्रीमद् भागवत कथा होगी। वहां से वे ऑस्ट्रेलिया जाएंगे, जहां दो जुलाई से कथा है।