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हाथरस सत्संग हादसा: पंचायतनामा भरने वाले दरोगा के हुए बयान, हादसे में गई थी 121 लोगों की जान, 18 जून को सुनवाई
Thu, 11 Jun 2026 10:41 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:41 PM IST
सार
दो जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में सत्संग के बाद भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। बयान में सिकंदराराऊ में तैनात एसआई नरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें दो जुलाई 2024 को भगदड़ में मृत लोगों के पंचायतनामा संबंधी कार्यवाही के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था।
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हाथरस में सत्संग के दौरान दर्दनाक हादसा
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हाथरस के बहुचर्चित सत्संग हादसे के मामले में 11 जून को न्यायालय एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में उपनिरीक्षक की गवाही हुई। उपनिरीक्षक ने शवों का पंचायतनामा भरा था। प्रकरण में अगली तिथि 18 जून लगी है।
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दो जुलाई 2024 को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में सत्संग के बाद भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। सिकंदराराऊ में तैनात एसआई नरेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि उन्हें दो जुलाई 2024 को भगदड़ में मृत लोगों के पंचायतनामा संबंधी कार्यवाही के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था।
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उन्होंने महिला कांस्टेबल कुसुमलता की मदद से चोटों का निरीक्षण कराकर छह मृतक महिलाओं के पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी की। इन मृतकाओं में वीरवती निवासी बदायूं, ममता निवासी आगरा, राजकुमारी निवासी अलीगढ़, ज्ञानवती निवासी हाथरस, सुखवती निवासी ललितपुर और सुधा निवासी एटा शामिल थीं। बचाव पक्ष से जिरह के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में गवाह ने स्पष्ट किया कि मृतकों के शव पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की मृत्यु भगदड़ में दबने के कारण हुई थी।
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