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Hathras News: तेज रफ्तार व लापरवाही, इस साल 54 की गई जान

Sat, 02 May 2026 02:10 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:10 AM IST
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Speeding and negligence claimed 54 lives this year.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
सड़कों पर फर्राटा भरते वाहन और गंतव्य तक पहुंचने की जल्दबाजी काल का पर्याय बनती जा रही है। जिले में बढ़ते सड़क हादसों के आंकड़े डराने वाले हैं। सिकंदराराऊ में शुक्रवार को दो बड़े सड़क हादसे हुए।
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रोडवेज बस पलटने से नौ लोग घायल हो गए, वहीं एक रोडवेज बस की टक्कर से युवक की मौत हो गई। जनवरी से अप्रैल तक की बात करें तो जिले में 188 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 54 लोगों की जान जा चुकी है। बीते वर्ष 479 हादसों में 289 लोगों की जान चली गई थी।
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तेज रफ्तार व लापरवाही बड़ी वजह

यातायात निरीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार व यातायात नियमों का पालन करने में अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन रही है। यातायात माह, सड़क सुरक्षा माह जैसे अभियान लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जाते हें, लेकिन फिर भी वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते। दुपहिया वाहन से होने वाले हादसों की संख्या अधिक है। बाइक में रफ्तार में पूरी होती है, लेकिन सुरक्षा अधूरी। देरी से गंतव्य के लिए निकलने के बाद सड़क पर जल्दबाजी जान पर भारी पड़ती है।
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गर्मियों में अधिक होते हैं हादसे

यातायात पुलिस के अनुसार ठंड में कोहरे के कारण हादसे होते हैं, लेकिन उनका ग्राफ गर्मियों में होने वाले हादसों के मुकाबले कम है। गर्मियों में अमूमन दुपहिया वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग नहीं करते। साथ ही रफ्तार भी अधिक रहती है। ट्रैफिक भी इसका एक कारण है।








पुलिस का रिस्पांस टाइम बढ़ा

सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने के लिए प्रदेश के 20 जिलों को जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिसमें हाथरस भी शामिल है। फरवरी 2025 से दुर्घटना बाहुल्य थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल टीम का गठन किया गया है। इनमें सिकंदराराऊ, सादाबाद, हाथरस गेट व हाथरस जंक्शन हैं। टीम बनने से सड़क हादसों में पुलिस का रिस्पांस टाइम बेहतर हुआ है। पहले 10 से 15 मिनट लगते थे, अब पांच मिनट लग रहे हैं।
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