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Hathras News: कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर हरे चारे की बुवाई करें
Tue, 10 Mar 2026 01:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:54 AM IST
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बैठक करते पशुपालन व दुग्ध विकास मंत्री डाॅ. धर्मपाल सिंह। स्रोत : सूचना विभाग
- फोटो : Samvad
प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनीतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चारागाह और कब्जामुक्त कराई गई गोचर भूमि पर हरे चारे की बुवाई कराई जाए।
उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण और गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोवंश के लिए हरा चारा, भूसा, चोकर और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोवंश की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्राकृतिक गर्भाधान के साथ कृत्रिम गर्भाधान को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान करने की अपील की। बैठक के दौरान मंत्री ने जिले की बंद पड़ी पराग डेयरी के संबंध में जिलाधिकारी से जानकारी लेकर समाधान का आश्वासन दिया।
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मंत्री ने सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को अभियान चलाकर पकड़ने और सुरक्षित रूप से गो आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के निर्देश दिए। जिले में संचालित गो आश्रय स्थलों में वर्तमान में 13,599 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के तहत 205 लाभार्थियों को 329 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं।
निराश्रित गोवंश को पकड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सात और शहरी क्षेत्रों में चार कैटल कैचर टीमें कार्य कर रही हैं। जिले में दो वृहद गो संरक्षण केंद्र, 34 अस्थायी गो आश्रय स्थल और पांच नगर निकायों में गोशालाएं संचालित हैं। 36 गोआश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 22 चालू और 14 बंद पाए गए।
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उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण और गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोवंश के लिए हरा चारा, भूसा, चोकर और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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गोवंश की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्राकृतिक गर्भाधान के साथ कृत्रिम गर्भाधान को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान करने की अपील की। बैठक के दौरान मंत्री ने जिले की बंद पड़ी पराग डेयरी के संबंध में जिलाधिकारी से जानकारी लेकर समाधान का आश्वासन दिया।
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मंत्री ने सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को अभियान चलाकर पकड़ने और सुरक्षित रूप से गो आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के निर्देश दिए। जिले में संचालित गो आश्रय स्थलों में वर्तमान में 13,599 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के तहत 205 लाभार्थियों को 329 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं।
निराश्रित गोवंश को पकड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सात और शहरी क्षेत्रों में चार कैटल कैचर टीमें कार्य कर रही हैं। जिले में दो वृहद गो संरक्षण केंद्र, 34 अस्थायी गो आश्रय स्थल और पांच नगर निकायों में गोशालाएं संचालित हैं। 36 गोआश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 22 चालू और 14 बंद पाए गए।