एबीवीपी ने लगाए थे जेएनयू में नारे
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हाथरस। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला काउंसिल की एक बैठक हुई। भाकपा के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि केंद्र सरकार की असफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा और संघ परिवार विपक्ष की आवाज कुचलने पर आमादा हैं। किसान, मजदूर और आम जनता के हितों के लिए संघर्ष करने वाला वामपंथ संघ परिवार के खास निशाने पर है। उन्होंने कहा कि जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष जो ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन से संबंधित है तथा अन्य वामपंथी छात्र संगठनों के नेताओं को केंद्र सरकार झूठे और खतरनाक अभियोग लगाकर गिरफ्तार कर रही है।
जेएनयू में हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित की आत्महत्या का विरोध और केंद्रीय शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों की फीस बढ़ोत्तरी और छात्रवृत्ति में कटौती के खिलाफ विवि अनुदान आयोग के समक्ष पिछले दो माह से आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएनयू में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले छात्र विद्यार्थी परिषद के थे। छात्र नेता कन्हैया ने संविधान की रक्षा और उसमें विश्वास की बात कही थी। केंद्र सरकार वामपंथी छात्र संगठनों को बदनाम कर कुचलने पर आमादा है, जिसका देश भर में विरोध हो रहा है। छात्र नेता को बिना शर्त रिहा करने की मांग की। उक्त घटना के विरोध में भाकपा 18 फरवरी को प्रदेश भर में विरोध-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी। बैठक में चरन सिंह बघेल, जगदीश आर्य, सत्यपाल रावल, आरडी आर्य, महेंद्र सिंह, दुर्गपाल, सचिन, नूर मोहम्मद, आविद अली, पुष्पेंद्र कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता बाबू सिंह थंबार ने की।